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जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार को भाटपाररानी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान तहसीलदार न्यायालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायालय में लंबित राजस्व वादों और विभिन्न पत्रावलियों की गहन समीक्षा की। मामलों के निस्तारण में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने धारा-34 सहित अन्य पुराने लंबित मामलों की पत्रावलियां मंगवाकर उनका अवलोकन किया। समीक्षा के दौरान कई प्रकरण लंबे समय से लंबित पाए गए। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व न्यायालयों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा और पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसीलदार और राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए तथा उनका समयबद्ध ढंग से निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के कारण आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए न्यायालयों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना आवश्यक है। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि राजस्व वादों में किसी प्रकार की रिपोर्ट लंबित न रखी जाए। सभी संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी तय करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रकरणों का निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित न्याय और राहत मिलनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने न्यायालय अभिलेखों के रखरखाव, पत्रावलियों की स्थिति और न्यायिक प्रक्रिया की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लंबित मामलों के निस्तारण में लापरवाही पाई गई तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार न्यायालय के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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डीएम ने तहसीलदार कोर्ट का निरीक्षण किया:लंबित पत्रावलियां मिलने पर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए