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आजमगढ़ की एंटी करप्शन कोर्ट नंबर-1 ने 17 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 14-14 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला अपर सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शाही ने शनिवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, फूलपुर थाना क्षेत्र के छगनपुर गांव निवासी रामदेव का गांव के हरिवंश और अन्य लोगों से जमीन की पैमाइश को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में 5 नवंबर 2009 की रात करीब नौ बजे हरिवंश, हंसराज, हरेंद्र यादव और छाजी सोनकर निवासी भाटिनपार ने रामदेव के घर पर हमला कर दिया। हमले में रामदेव और उनका भतीजा अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी की और चारों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। छह गवाहों की गवाही बनी अहम मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभय दत्त गोंड और हरेंद्र सिंह ने छह गवाहों को अदालत में पेश किया। साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। प्रत्येक पर 14 हजार का जुर्माना अदालत ने हरिवंश यादव, हंसराज यादव, हरेंद्र यादव और छाजी सोनकर को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 14 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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जानलेवा हमले के 4 दोषियों को 7 साल की सजा:17 साल बाद आया फैसला, आजमगढ़ में जमीन के विवाद में हमला हुआ था