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चित्रकूट में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला 22 और 23 अगस्त को आयोजित होगी। विज्ञान एवं पर्यावरण संकाय के ऊर्जा एवं पर्यावरण विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला का विषय ‘बौद्धिक संपदा अधिकार: उभरते रुझान, मुद्दे एवं चुनौतियां’ रखा गया है। कार्यशाला का प्रायोजन मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी), भोपाल कर रहा है। कार्यशाला में बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े मौजूदा रुझानों, प्रमुख मुद्दों और चुनौतियों पर विशेषज्ञ और प्रतिभागी चर्चा करेंगे। बदलते तकनीकी और अकादमिक परिवेश में पेटेंट, अनुसंधान, नवाचार और बौद्धिक संपदा के संरक्षण की बढ़ती जरूरत पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
कार्यशाला के संयोजक प्रोफेसर घनश्याम गुप्ता ने बताया कि वर्तमान समय में अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास तेजी से बढ़ रहे हैं। ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए बौद्धिक संपदा अधिकारों की जानकारी बेहद जरूरी हो गई है। शोध के दौरान विकसित नए विचारों और तकनीकों को सुरक्षित रखने के लिए आईपीआर की समझ आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को बौद्धिक संपदा अधिकारों की व्यावहारिक और अकादमिक जानकारी देना है। विशेषज्ञों के माध्यम से आईपीआर के क्षेत्र में बदलते समय के साथ सामने आ रही नई चुनौतियों और संभावनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
आयोजकों के अनुसार, कार्यशाला विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण अकादमिक मंच साबित होगी। इसमें शोध और नवाचार को बौद्धिक संपदा अधिकारों के तहत सुरक्षित करने के तरीकों पर भी चर्चा की जाएगी।
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चित्रकूट में आज से बौद्धिक संपदा अधिकारों पर राष्ट्रीय कार्यशाला:विशेषज्ञ उभरते रुझानों, मुद्दों और चुनौतियों पर करेंगे चर्चा