युवक की मौत के बाद अस्पताल का अवैध ICU सील:परिजनों ने लापरवाही और शव के लिए 50 हजार मांगने का आरोप लगाया


कानपुर के चकेरी के कोयलानगर केपीएस अस्पताल में सात दिन इलाज के बाद 18 वर्षीय युवक की मौत पर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान रोजाना हजारों रुपए खर्च कराने के बावजूद युवक की हालत बिगड़ती रही और आखिरकार उसकी मौत हो गई। इतना ही नहीं, मृतक के परिजनों ने शव ले जाने के लिए भी 50 हजार रुपए मांगने का आरोप लगाया। इसके बाद मंगलवार शाम 4:30 बजे अवैध आईसीयू को एसीएमो ने सील किया। पूरा मामला विस्तार से जानिए… फतेहपुर के खागा स्थित टेनी मोहल्ला निवासी किसान लोकपाल ने बताया कि उनके 18 वर्षीय बेटे मितेश राव को अचानक तेज बुखार आया था। पहले उसे फतेहपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने उसे कानपुर के कोयलानगर स्थित केपीएस अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों के मुताबिक अस्पताल में रोजाना करीब 35 हजार रुपये इलाज और करीब आठ हजार रुपये दवाओं का खर्च बताया गया। करीब सात दिन तक इलाज चलने के बाद मितेश की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मृतक के भाई रामसुमेर का आरोप है कि मितेश की मौत के बाद शव ले जाने के नाम पर भी अस्पताल की ओर से 50 हजार रुपये मांगे गए। मामले में रामसुमेर ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर पूरे प्रकरण की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई मामला सामने आने के अगले दिन मंगलवार शाम स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अस्पताल पहुंची। एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी के नेतृत्व में टीम ने केपीएस अस्पताल में छापेमारी की। जांच के दौरान अस्पताल में संचालित अवैध आईसीयू को सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज के दौरान हुई युवक की मौत को लेकर सवाल और गहरा गए हैं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *