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गंगा की जलीय जैव विविधता बढ़ाने और राज्यमीन चिताला के संरक्षण-संवर्धन के लिए 8 अक्टूबर को अस्सी घाट पर रिवर रैंचिंग कार्यक्रम होगा। इसमें करीब एक लाख चिताला मछलियों की अंगुलिकाएं गंगा में छोड़ी जाएंगी। मत्स्य विभाग के मुताबिक इसका उद्देश्य नदी में मछलियों की संख्या बढ़ाने के साथ जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। विभाग का कहना है कि चिताला जैसी मछलियां नदी की जलीय खाद्य शृंखला का हिस्सा हैं। इनकी संख्या बढ़ने से जलीय जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में विशेष सचिव मत्स्य सुनील कुमार वर्मा के आने का प्रस्ताव है। एक लाख अंगुलिकाएं गंगा में छोड़ी जाएंगी मत्स्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि अस्सी घाट पर होने वाले कार्यक्रम में करीब एक लाख चिताला मछलियों की अंगुलिकाएं गंगा में छोड़ी जाएंगी। रिवर रैंचिंग के जरिए चिताला की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नदी में मछलियों की संख्या बढ़ने से जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी। साथ ही जैव विविधता के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। क्या है रिवर रैंचिंग? रिवर रैंचिंग के तहत मछलियों के बीज या अंगुलिकाओं को नदी में छोड़ा जाता है। इसका उद्देश्य नदी में मछलियों की संख्या बढ़ाना और अलग-अलग प्रजातियों के संरक्षण को बढ़ावा देना है। मत्स्य विभाग के अनुसार, गंगा जैसे नदी तंत्र में मछलियां जलीय जीवों के बीच प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। चिताला बढ़ेगी तो जलीय खाद्य शृंखला को मिलेगा सहारा विभाग के अनुसार चिताला गंगा के जलीय पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी संख्या बढ़ने से नदी की जलीय खाद्य शृंखला को मजबूती मिलने की उम्मीद है। विभाग का कहना है कि इससे गंगा की जैव विविधता को समृद्ध करने में मदद मिलेगी। मछुआरों की आजीविका से भी जोड़ा जा रहा अभियान मत्स्य विभाग का कहना है कि रिवर रैंचिंग सिर्फ मछलियों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। नदी के मत्स्य संसाधनों को मजबूत करने से मछुआरों और मत्स्य पालकों की आजीविका को भी सहारा मिलने की उम्मीद है। विभाग ने कहा कि मछलियां लोगों के लिए प्रोटीनयुक्त पौष्टिक आहार का भी स्रोत हैं। अधिकारी कार्यक्रम में होंगे शामिल 8 अक्टूबर को अस्सी घाट पर होने वाले कार्यक्रम में विशेष सचिव मत्स्य सुनील कुमार वर्मा के आने का प्रस्ताव है। इसके अलावा जेडी मत्स्य अनिल कुमार या डिप्टी डायरेक्टर फिशरीज (प्लानिंग) के भी मौजूद रहने की संभावना है।
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गंगा में छोड़ी जाएंगी 1 लाख चिताला मछलियों की अंगुलिकाएं:अस्सी घाट पर 8 अक्टूबर को रिवर रैंचिंग; मछुआरों की आजीविका पर जोर