चढ़ावा चोरी के बाद राम मंदिर में बड़ा बदलाव:बेसमेंट में बनेगा हाईटेक गणना कक्ष, LED पर दिखेगी पूरी प्रक्रिया, सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई व्यवस्था लागू


अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद दान की गणना और संरक्षण व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर परिसर स्थित मौजूदा गणना कक्ष को जल्द ही परकोटे के बेसमेंट में बने अत्याधुनिक हॉल में स्थानांतरित किया जाएगा। नई व्यवस्था में डिजिटल निगरानी, बहुस्तरीय सुरक्षा और जवाबदेही पर विशेष जोर रहेगा, ताकि दान की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाई जा सके। सूत्रों के अनुसार नए गणना कक्ष में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क लगाया जा चुका है। कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग ट्रस्ट कार्यालय और बैंक के सुरक्षा तंत्र से होगी। कर्मचारी सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक एक ही शिफ्ट में कार्य करेंगे और कार्य समाप्त होने तक कक्ष से बाहर नहीं निकल सकेंगे। इसके लिए हॉल के भीतर ही भोजन और शौचालय की व्यवस्था की गई है। दानपात्र खोलने और नकदी की गिनती अब बैंक के अधिकृत अधिकारियों तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रतिनिधियों की संयुक्त निगरानी में होगी। गिनी गई राशि को जीपीएस से लैस बख्तरबंद वाहनों में सशस्त्र सुरक्षा के बीच बैंक तक पहुंचाया जाएगा। कैश काउंटिंग रूम और दानपात्रों के आसपास तैनात कर्मचारियों एवं सेवादारों की प्रवेश और निकास के समय अनिवार्य तलाशी भी ली जाएगी। श्रद्धालु भी देख सकेंगे पूरी प्रक्रिया सूत्रों के मुताबिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मंदिर परिसर में एलईडी स्क्रीन लगाने की योजना है। इन स्क्रीन पर गणना कक्ष के भीतर चल रही पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण दिखाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु भी दान की गणना प्रक्रिया देख सकें। आभूषण दान की नई व्यवस्था अब कीमती आभूषण दान करने वालों का नाम, पता और आभूषण का पूरा विवरण तत्काल दर्ज किया जाएगा। इसके लिए अलग कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद पिछले करीब दस दिनों में आभूषण के रूप में कोई चढ़ावा दर्ज नहीं हुआ है। जांच का असर, रुकीं करोड़ों की परियोजनाएं चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी और पुलिस जांच का असर मंदिर की निर्माण परियोजनाओं पर भी दिखाई देने लगा है। ट्रस्ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन ने फिलहाल नए निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने के बजाय पूर्व स्वीकृत बजट के अनुसार आवश्यक कार्य ही कराने के निर्देश दिए हैं। इसी कारण लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली राम मंदिर की मुखाकृति लाइटिंग परियोजना भी फिलहाल ठहर गई है। मंदिर की दीवारों और स्तंभों पर मूर्तियों के उत्कीर्णन जैसे कार्य भी निर्धारित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।

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