गोरखपुर में धूप-बारिश का खेल जारी:उमस से लोग बेहाल, बढ़ रहे बुखार-सर्दी के मरीज


गोरखपुर में सोमवार को मौसम का मिजाज पूरे दिन बदलता रहा। कभी आसमान में काले बादल छाए तो कुछ ही देर बाद तेज धूप निकल आई। धूप और बारिश के इस लगातार बदलते मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हवा में नमी अधिक होने के कारण उमस से लोग बेहाल रहे। बाजारों, कार्यालयों और सड़कों पर निकलने वाले लोग पसीने और चिपचिपी गर्मी से परेशान दिखे। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, लेकिन हवा में नमी अधिक होने के कारण लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना कम है। दोपहर के बाद कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। बदलते मौसम से बिगड़ रही लोगों की सेहत धूप और बारिश के बीच लगातार बदल रहे मौसम का असर अब लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सरकारी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में बुखार, सर्दी, जुकाम, वायरल इंफेक्शन और गले में संक्रमण जैसी शिकायतों के साथ मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप में निकलने के बाद अचानक बारिश में भीगना और फिर उमस भरे मौसम में रहना शरीर पर असर डाल रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले कई दिनों तक एक्टिव रहेगा मानसून मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। गोरखपुर और आसपास के जिलों में अगले कई दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम में लगातार बदलाव के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज हो सकती है, लेकिन नमी अधिक रहने से उमस बनी रहेगी। ऐसा रहेगा आने वाले दिनों का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार अगले कई दिनों तक लगभग रोज बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हवाओं की रफ्तार 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। बारिश के दौरान तेज हवा और बिजली चमकने की भी आशंका है।

किसानों और आम लोगों के लिए एडवाइजरी
विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। डॉक्टरों ने लोगों को भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने, हल्का भोजन करने और बुखार या सर्दी-जुकाम के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेने की सलाह दी है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *