किस्त नहीं चुकाने पर युवक का अपहरण करने वाले गिरफ्तार:चार दिन बंधक बनाकर कराई मजदूरी, जबरन ब्लड निकलवाकर बेचने का आरोप


लखनऊ के निगोहां में मोबाइल की किस्त नहीं चुकाने पर फाइनेंस कंपनी से जुड़े कर्मचारियों ने युवक को अगवा कर चार दिन तक बंधक बनाने और मजदूरी कराई गई। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने युवक से जबरन एक यूनिट ब्लड निकलवाकर बेचने की बात भी कबूल की है। वहीं ब्लड बेचने के दावे की पुलिस जांच कर रही है। ग्राम राजारामखेड़ा मजरा पुरहिया निवासी जदुराई ने 14 सितंबर को निगोहां थाने में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे नेवल कुमार ने किस्त पर मोबाइल खरीदा था। किस्त जमा नहीं होने पर 8 सितंबर को शुभम सिंह अपने एक साथी के साथ घर आया। दोनों मोबाइल की दुकान पर ले जाने की बात कहकर नेवल को अपने साथ ले गए। आरोप है कि इसके बाद उसे करीब चार दिन तक बंधक बनाकर रखा गया और उससे मजदूरी कराई गई। आरोपियों ने मारपीट भी की। किस्त के नाम पर नेवल से ऑनलाइन 2,799 रुपए भी लिए गए। कंपनी में मैनेजर और फील्ड एजेंट हैं आरोपी डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें बनाई गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के साथ स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से गुरुवार को अनिकेत सिंह उर्फ काका और सुशांत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। एक अन्य आरोपी शुभम सिंह की तलाश की जा रही है। पूछताछ में बोला- कंपनी का था किस्त वसूली का दबाव पुलिस के मुताबिक आरोपी सुशांत शर्मा ने पूछताछ में बताया कि वह टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड, बीबीडी विराज टावर, विभूतिखंड में मैनेजर है। उसका काम फाइनेंस पर सामान लेने वाले ग्राहकों से लोन की किस्त की वसूली कराना है। शुभम सिंह कंपनी में फील्ड एजेंट है, जबकि अनिकेत सिंह उर्फ काका भी किस्त वसूली का काम करता है। सुशांत के मुताबिक, नेवल से कई बार किस्त मांगने उसके घर गए, लेकिन वह नहीं मिला। आने-जाने में पेट्रोल खर्च होने और कंपनी की ओर से जल्द किस्त वसूलने का दबाव होने के चलते उन्होंने उसे सबक सिखाने की योजना बनाई। आरोपियों ने नेवल को गांव के बाहर से उठाने की बात स्वीकार की है। ब्लड सेंटर ले जाकर निकलवाया एक यूनिट खून पूछताछ में सुशांत ने बताया कि नेवल को एक चैरिटेबल ब्लड सेंटर ले जाया गया। वहां उसकी इच्छा के खिलाफ एक यूनिट ब्लड निकलवाया गया और साथियों के साथ उसे बेचने की बात कही। इसके बाद नेवल को शुभम के घर पर बंधक बनाकर रखा गया। आरोप है कि चार दिन तक उससे छत का प्लास्टर तुड़वाने की मजदूरी कराई गई और इसी दौरान किस्त के 2,799 रुपए भी वसूल लिए गए। पुलिस अब ब्लड सेंटर और बिक्री से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

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