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पूरे उत्तर प्रदेश में तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच रहा है। जिससे लोग परेशान हैं और गर्मी से बेहाल हैं। ऐसे में उल्टी-दस्त के मरीज ज्यादा अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। जहां उनके लिए इंतजाम किए गए हैं। वाराणसी में अभी हीट स्ट्रोक का कोई मरीज नहीं मिला है। उसके बावजूद अस्पतालों में अलर्ट है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के क्रम में वाराणसी के एसएसपीजी कबीरचौरा अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में कोल्ड रूम बनाया गया है। जिसमें हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए चार बेड आरक्षित किए गए हैं। कबीरचौरा अस्पताल में बना कोल्ड रूम हीट वेव को लेकर लगातार मौसम विभागअलर्ट मोड में है। वाराणसी के सभी सरकारी अस्पतालों में हीट वेव से निपटने की व्यवस्था की गई है। वाराणसी में कबीरचौरा अस्पताल में भी कोल्ड रूम बनाया गया है। इस संबंध में अस्पताल के एसआईसी डॉ बृजेश कुमार ने बताया – हीट वेव को लेकर सरकार की तरफ से जो निर्देश प्राप्त है उसके क्रम में कार्य किया जा रहा है। हिट स्ट्रोक के मरीजों के लिए कोल्ड रूम बनाया गया है। इमरजेंसी में बनाया गया है कोल्ड रूम एसआईसी ने बताया – इमरजेंसी में चार बेड का कोल्ड रूम बनाया गया है। जिसमें हीट वेव के मरीज को रखा जाएगा। मरीज की स्वास्थ्य निगरानी के लिए ट्रेंड डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सेज लगाईं गई हैं। जो 24 घंटे मरीज की निगरानी करेंगे। ताकि उसे कोई भी दिक्कत का सामना न करने पड़े। लगाया गया है बाथ टब एसआईसी बृजेश कुमार ने बताया – मरीज के लिए हमने इस वार्ड में एक बाथ टब भी लगाया है। यदि किसी मरीज को दिक्कत ज्याफदा होगी तो उसे बात टब में लेटाया जाएगा। बुखार उतर जाने के बाद उसे नार्मल बेड पर लेटाया जाएगा। उन्होंने कहा मरीज को यदि 105 से ज्यादा बुखार होगा तो उसे हम बाथ टब में लिटाकर इलाज करेंगे। 316 बेड का है अस्पताल मंडलीय चिकित्सालय कबीरचौरा में 316 बेड हैं। रोजाना ओपीडी में यहां 1200 से 1400 मरीज ओपीडी में खुद को चेक करवाने आते हैं। जिसमें से 200 को एडमिट किया जाता है। इसके अलावा 100 से अधिक मरीज को डिस्चार्ज भी किया जाता है। वाराणसी सहित पूर्वांचल और बिहार के गरीब मरीजों की लाइफ लाइन के रूप में इस अस्पताल को जाना जाता है।
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कबीरचौरा में कोल्ड-वार्ड तैयार, हीट-स्ट्रोक के मरीजों के लिए बाथ-टब:इमरजेंसी वार्ड में 4 बेड रिजर्व, अभी तक वाराणसी में नहीं मिला मरीज