उसरी चट्टी हत्याकांड: मुख्तार के रिश्तेदार को जमानत:22 साल बाद दर्ज दूसरी FIR को कोर्ट ने नहीं माना न्यायसंगत


इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उसरी चट्टी गाजीपुर हत्याकांड मामले में मुख्तार अंसारी के रिश्तेदार और अभियुक्त गौस मोहिउद्दीन अंसारी की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने यह आदेश पारित किया। यह मामला वर्ष 2001 का है, जब कथित तौर पर बृजेश सिंह गैंग ने मुख्तार अंसारी के काफिले पर हमला किया था। इस हमले में कई लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें बृजेश सिंह के साथ कथित रूप से शामिल मनोज राय भी शामिल थे। अभियुक्त की ओर से न्यायालय को बताया गया कि घटना के 22 वर्ष बाद, वर्ष 2023 में मनोज राय के पिता ने गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में मुख्तार अंसारी और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि मनोज राय को बिहार के बक्सर से उठाकर मुख्तार के गुर्गों ने उसकी हत्या कर दी थी और उसे उसरी चट्टी हत्याकांड में मरा हुआ बताया था। हालांकि, न्यायालय ने पाया कि घटना के 22 साल बाद दूसरी प्राथमिकी दर्ज होना न्यायसंगत प्रतीत नहीं होता है। इस मामले के अन्य अभियुक्तों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।

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