वरुण कुमार शर्मा | मुजफ्फरनगर3 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

सावन माह की कांवड़ यात्रा में इस बार मध्य प्रदेश के मुरैना जिले का एक गांव अपनी सामूहिक आस्था और एकजुटता के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव के 150 शिवभक्तों का विशाल जत्था गौमुख से पवित्र गंगाजल लेकर पदयात्रा करते हुए शुक्रवार शाम करीब 5 बजे मुज़फ्फरनगर के छपार पहुंचा। एक साथ बड़ी संख्या में कांवड़ियों को देखकर स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
800 किलोमीटर से अधिक की यात्रा
इस कांवड़ दल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सभी 150 श्रद्धालु एक ही गांव के निवासी हैं और एक परिवार की तरह सामूहिक रूप से यात्रा कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने 8 जुलाई को उत्तराखंड के गौमुख से गंगाजल उठाया था। गांव तक की कुल यात्रा 800 किलोमीटर से अधिक की है और इसे पूरा करने में अभी लगभग 10 दिन और लगेंगे। यात्रा के दौरान पूरा जत्था प्रतिदिन औसतन 40 किलोमीटर पैदल चलता है।

इस बार बढ़ा शिवभक्ति का उत्साह
श्रद्धालुओं के अनुसार, पिछले वर्ष गांव से 30 से 40 लोग ही सामूहिक कांवड़ यात्रा पर निकले थे, लेकिन इस बार शिवभक्ति के उत्साह के चलते संख्या बढ़कर 150 हो गई। इस दल में 6 से 7 महिला शिवभक्त भी शामिल हैं, जो पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ पुरुष श्रद्धालुओं के साथ कदम से कदम मिलाकर यात्रा कर रही हैं।
‘बाबा का बुलावा आया, पूरा गांव साथ निकल पड़ा’
एक शिवभक्त ने बताया कि इस यात्रा के पीछे किसी प्रकार का विशेष प्रचार या आयोजन नहीं है। उन्होंने कहा, “जिसे बाबा भोलेनाथ का बुलावा आता है, वही कांवड़ लेकर निकलता है। इस बार पूरे गांव ने एक साथ संकल्प लिया और सभी लोग एक परिवार की तरह यात्रा पर निकल पड़े। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”

छपार में हुआ भव्य स्वागत
मुज़फ्फरनगर पहुंचने पर विभिन्न कांवड़ सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। जगह-जगह उन्हें जलपान, भोजन और विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष के बीच जब यह विशाल जत्था छपार से गुजरा तो स्थानीय लोग उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़े। कई लोगों ने इस अनोखी सामूहिक कांवड़ यात्रा की तस्वीरें और वीडियो भी अपने मोबाइल में कैद किए।
