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उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। मैदानी इलाकों में बारिश धीमी होने के बावजूद, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा और कानपुर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण यह वृद्धि देखी जा रही है। हालांकि, जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु से काफी नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ोतरी ने गंगा के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जिला प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखते हुए बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार से गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। शुक्रवार सुबह 8 बजे जलस्तर 108.120 मीटर था, जो दोपहर 1 बजे बढ़कर 108.250 मीटर हो गया। शाम 5 बजे यह 108.450 मीटर और शाम 6 बजे 108.500 मीटर दर्ज किया गया। शनिवार को हल्की गिरावट के बाद, रविवार को इसमें फिर तेजी आई। रविवार सुबह 8 बजे जलस्तर 108.57 मीटर था, जो शाम 7 बजे तक 108.83 मीटर पर पहुंच गया। सोमवार सुबह 8 बजे यह 109.70 मीटर और दोपहर 12 बजे 109.92 मीटर दर्ज किया गया। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। कानपुर बैराज पर पानी का दबाव बढ़ने के कारण उसके गेट खोले गए हैं, जिससे उन्नाव में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन तटवर्ती गांवों के लोग संभावित बाढ़ की आशंका को लेकर सतर्क हो गए हैं। जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग की टीमें लगातार गंगा के जलस्तर की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तटवर्ती क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रखें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों को तैयार रखें। प्रशासन ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। साथ ही किसी भी आपात स्थिति या जलस्तर में अचानक वृद्धि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने के लिए कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
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उन्नाव में गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा:पहाड़ी बारिश और बैराज से पानी छोड़ने का असर, प्रशासन सतर्क