अयोध्या की CHC में महिला डॉक्टरों की कमी:2.24 लाख आबादी प्रभावित,गर्भवती महिलाओं को इलाज में आ रही परेशानी


जिले के सीएचसी मिल्कीपुर में महिला चिकित्सक की कमी से 2.24 लाख आबादी की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। महिला मरीजों को उचित इलाज न मिलने के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। हस्तांतरण के बाद भी महिला चिकित्सक ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। मिल्कीपुर विकासखंड की लगभग 2.24 लाख आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। यहां प्रतिदिन 200 से 250 मरीज ओपीडी में आते हैं। महिला चिकित्सक के अभाव में गर्भवती महिलाओं और स्त्री रोग से संबंधित मरीजों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। गंभीर रोगियों को भी बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक न होने से थाना इनायतनगर और थाना कुमारगंज पुलिस द्वारा लाए गए महिला उत्पीड़न के मामलों में भी मेडिकल परीक्षण नहीं हो पा रहा है। पीड़िताओं को मेडिकल जांच के लिए जिला मुख्यालय भेजना पड़ता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी और समय की बर्बादी झेलनी पड़ती है। सीएचसी मिल्कीपुर में पहले डॉ. कीर्ति शर्मा तैनात थीं, जिनका स्थानांतरण मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा गोरखपुर कर दिया गया था। सीएचसी अधीक्षक मिल की पुणे 15 जून को रिलीज कर दिया है। उनके स्थान पर सीएचसी रुदौली में तैनात डॉ. अंजु जायसवाल का 17 जून 2026 स्थानांतरण मिल्कीपुर किया गया, लेकिन उन्होंने अभी तक यहां कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद सिन्हा ने बताया कि डॉ. अंजु जायसवाल अभी तक अस्पताल नहीं पहुंची हैं, इसलिए उनके संबंध में कोई जानकारी नहीं दे सकते। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने सोमवार, 13 जुलाई को दोपहर करीब 12:30 बजे बताया कि डॉ. अंजु जायसवाल को रुदौली से रिलीव कर दिया गया है, लेकिन वर्तमान में वह कहां हैं, इसकी जानकारी उनके पास नहीं है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के वापस आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। महिला चिकित्सक की अनुपलब्धता से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।

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