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देश में लगातार बढ़ती महंगाई, एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि और गैस सिलेंडर की बेहद किल्लत के चलते आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आवाह्न पर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के विरोध में आम आदमी पार्टी, आजमगढ़ के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके साथ ही राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण आज देश की आम जनता न केवल महंगाई और आर्थिक संकट से जूझ रही है। बल्कि गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत के चलते एक बार फिर लाइनों में लगने को मजबूर हो गई। जिसका सबसे बड़ा बोझ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। जनता को मुश्किलों में डाला
इस मौके पर प्रांत अध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि हाल ही में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में 60 तथा कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में 120 की वृद्धि ने आम जनता और छोटे व्यापारियों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड से जुड़े लाखों छोटे कारोबारियों के सामने आज गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। देश के कई हिस्सों से होटल और छोटे व्यवसायों के बंद होने की खबरें सामने आ रही हैं। जो सरकार की नीतियों की विफलता को उजागर करती हैं। जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव ने कहा कि गैस और ऊर्जा क्षेत्र में कुछ निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों के कारण गैस की कीमतों में कई जगहों पर कई गुना वृद्धि देखने को मिल रही है। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों पर भी गंभीर आर्थिक दबाव पड़ रहा है और बेरोजगारी की स्थिति तेजी से बढ़ रही है। देश के विभिन्न राज्यों में हजारों छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं और उद्योग बंद होने की स्थिति पैदा हो रही है। प्रदेश उपाध्यक्ष कृपाशंकर पाठक ने कहा कि घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में की गई हालिया वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए पारदर्शी नीति लागू की जाए, गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई गैस पर विशेष सब्सिडी दी जाए तथा बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार स्पष्ट और जवाबदेह नीति घोषित करे।
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आजमगढ़ में गैस को लेकर लेकर आप का प्रदर्शन:होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड से जुड़े लाखों कारोबारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट