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अलीगंज अग्निकांड के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने आरोपी IT कंपनी संचालक सुरेंद्र साहू को जमानत दे दी है। इस अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई थी। न्यायालय ने कहा कि पहली नजर में भवन में आग से सुरक्षा के इंतजाम न होने की जिम्मेदारी मालिक की बनती है। न्यायालय ने यह भी कहा कि आरोपी से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि उसे पहले से आग लगने का अंदाजा हो जाता। उस पर चैनल गेट बंद रखने से हुई जनहानि का आरोप था। न्यायमूर्ति मनीष कुमार की एकलपीठ ने सुरेंद्र साहू की जमानत याचिका पर यह आदेश दिया। सुरेंद्र साहू 23 जून से जेल में बंद था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित मकान नंबर 2813 में बेसमेंट के साथ चार मंजिलें थीं। ये मंजिलें अलग-अलग लोगों को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किराए पर दी गई थीं। इसी बिल्डिंग में चल रही पेट शॉप में आग लगी थी। इसके बाद देखते ही देखते पूरा परिसर धुएं से भर गया। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई और नौ लोग घायल हुए थे। सरकारी वकील ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सुरेंद्र साहू ने जिस हिस्से को किराए पर लिया था, उसे बंद रखा था। अगर चैनल गेट खुला होता तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को यह भी बताया कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। न्यायालय ने एफआईआर के शुरुआती तथ्यों का जिक्र किया। कोर्ट ने कहा कि भवन में आग से सुरक्षा के जरूरी इंतजाम न होने की जिम्मेदारी भवन मालिक की है। इसी आधार पर न्यायालय ने आरोपी को जमानत दे दी।
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अलीगंज अग्निकांड में IT कंपनी संचालक को राहत:हाईकोर्ट बोला- सुरक्षा की जिम्मेदारी मालिक की थी; 15 लोगों की हुई थी मौत