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बरेली नगर निगम में इन दिनों आरआई सच्चिदानंद और भाजपा नेता अतुल कपूर के बीच कुछ ज्यादा ही तल्खियां बढ़ गई है। आरआई सच्चिदानंद ने बारादरी थाने में अतुल कपूर और उनके साथ आए अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। आरआई के समर्थन में अब कर्मचारी संगठन भी जुड़ गए है। कर्मचारी संगठन ने अतुल कपूर के नगर निगम में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। राजस्व निरीक्षक सच्चिदानंद सिंह बोले मेरे साथ गाली गलौज की गई
राजस्व निरीक्षक सच्चिदानंद सिंह ने बताया कि अतुल कपूर की एक अवैध एलईडी स्क्रीन चल रही थी। जिसको हमने हटवा दिया था क्योंकि उसका कोई टैक्स नहीं आ रहा था। उसके बाद हमसे अतुल कपूर ने कुछ महीने पहले पटेल चौक पर बदसलूकी की थी। उस दिन से ही उनके मन में मेरे प्रति गलत भावना है। पूर्व में भी उनके द्वारा कई बार मुझसे फोन पर भी गाली-गलौज की गई। कुछ लोगों को साथ लेकर वे मेरे ऑफिस में भी आए। 16 और 17 जून दोनों दिन किया हंगामा
16 जून को सीमा रानी के दो लड़के मेरे कमरे में आए और मेरे साथ बदसलूकी की। फिर 17 जून को अतुल कपूर के साथ वो महिला और तीन-चार अन्य लोग मेरे कमरे में आए और मुझसे बदसलूकी की। आरोप निराधार है कि मैंने 20 हजार की रिश्वत मांगी, मैं तो उनसे पेपर मांग रहा था। उन्होंने न पेपर दिए और न ही भवन की पैमाइश कराई। बिना पैमाइश और बिना पेपर के हम निस्तारण कैसे करें? अतुल कपूर की गुंडागर्दी की मेरे पास पूरी वीडियो
आरआई सच्चिदानंद सिंह ने कहा कि अतुल कपूर की गुंडागर्दी की मेरे पास पूरी वीडियो है। अतुल कपूर पहले से ही मुझसे टीस रखते हैं, इस वजह से ये सब हो रहा है। वीडियो को काटकर सिर्फ अपनी बात दिखाई गई है, उसमें मोहित अरोड़ा नाम का लड़का था, जिसने गाली-गलौज की, तो मैंने ही उसे कहा कि बदतमीजी मत कर और यहाँ रूम से निकल जा। अभी नहीं दर्ज हुआ मुकदमा
आरआई सच्चिदानंद सिंह ने बताया कि घटना के बाद हमने तुरंत 17 जून को बारादरी थाने में जाकर मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दी है। हालांकि अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। जो आरोप है कि 20 हजार रिश्वत के लिए, ऐसा कुछ नहीं है। इनका पूर्व से ही यही व्यवहार रहा है, कर्मचारियों के साथ भी और सबके साथ भी। आरआई ने अतुल कपूर की गिरफ्तारी की मांग की है। कर्मचारियों के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं, दबंगई के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी
नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष, ठाकुर विशन पाल सिंह ने कहा कि ये एक गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि यह सीधे तौर पर नगर निगम कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा पूर्व पार्षद अतुल कपूर द्वारा नगर निगम के राजस्व निरीक्षक के साथ किए गए अभद्र व्यवहार की कड़ी निंदा की और इसे निंदनीय बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे अभद्र व्यवहार का सिलसिला समय-समय पर चलता रहता है। वर्ष 2019 की एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि तब भी पार्षद ने राजस्व निरीक्षक और अन्य बाबूओं के साथ अभद्र व्यवहार किया था। उन्होंने दावा किया कि पार्षद ने राजस्व निरीक्षक को कार्यालय में बुलाकर अनुचित कार्य करने का दबाव डाला, जिसके विरोध करने पर पार्षद ने उसे अपने कमरे में बंद कर लिया और मारपीट की, जिससे उसे हार्ट अटैक आ गया था। ठाकुर विशन पाल सिंह ने शासन के एक शासनादेश का हवाला देते हुए बताया कि कोई भी स्थानीय निकाय के पार्षद के पति-पत्नी, भाई बहन या अन्य कोई करीबी रिलेटिव किसी भी कर्मचारी के काम में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय निकाय के 300 मीटर के दायरे में भी किसी पार्षद का रिलेटिव का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे और भविष्य में ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। कौन है अतुल कपूर
अतुल कपूर कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के रिश्तेदार है। वो नगर निगम के उपसभापति रह चुके है। इस वक्त उनकी पत्नी सोनिया अतुल कपूर वार्ड 8 की पार्षद है। अपनी पत्नी की जगह अतुल कपूर ही नगर निगम के सभी काम देखते है। अतुल कपूर भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता है।
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अतुल कपूर का नगर निगम के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध:RI बोले- भाजपा नेता अतुल कपूर की गिरफ्तारी नहीं हुई तो करेंगे आंदोलन