अनुराग पाठक | बहराइच1 मिनट पहले
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बहराइच में ‘वारिस द पंजाब’ संगठन से जुड़े विक्रमजीत सिंह और मनवीर सिंह को हिरासत में लिया गया है। आरोप है कि दोनों फर्जी और अपूर्ण दस्तावेजों के सहारे भारत में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने उनकी मदद करने के आरोप में तीन स्थानीय लोगों को भी हिरासत में लिया है। भारत-नेपाल सीमा स्थित रूपईडीहा चेकपोस्ट पर गुरुवार शाम ये कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, विक्रमजीत सिंह फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि वह पिछले एक वर्ष से नेपाल के काठमांडू में रह रहा था। उसने यह भी बताया कि पंजाब के अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में वह वांछित है और उसके वकीलों ने समझौते की प्रक्रिया के लिए उसे पंजाब बुलाया था। इसी के चलते वह नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश कर रहा था।
2023 के अजनाला थाना हमले में है वांछित
गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद देर रात पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव और अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गा प्रसाद तिवारी रूपईडीहा थाने पहुंचे और दोनों से पूछताछ की।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विक्रमजीत सिंह वर्ष 2023 में पंजाब के अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में वांछित है। घटना के बाद वह करीब दो वर्ष तक महाराष्ट्र, पीलीभीत और पूरनपुर में छिपा रहा। इसके बाद पिछले एक वर्ष से नेपाल के काठमांडू में रह रहा था।

वीजा नहीं होने पर मनवीर सिंह भी हिरासत में
पुलिस के अनुसार, मनवीर सिंह मूल रूप से पंजाब का रहने वाला है और वर्तमान में अमेरिका में निवास करता है। वह अपनी पत्नी, बेटी और विक्रमजीत सिंह के साथ भारत में प्रवेश कर रहा था। उसके पास वैध वीजा नहीं होने के कारण उसे हिरासत में लिया गया है।
प्रारंभिक जांच में मनवीर सिंह के खिलाफ भी पूर्व में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। वहीं उसकी पत्नी के पास वैध यात्रा दस्तावेज मिलने पर उन्हें लखनऊ भेज दिया गया।
तीन स्थानीय लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच में सामने आया है कि दोनों को अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कराने में तीन स्थानीय लोगों ने मदद की थी। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
विक्रमजीत सिंह की गिरफ्तारी की सूचना पंजाब पुलिस को भी दे दी गई है। फिलहाल स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
