वाराणसी में देश का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे बनकर तैयार है। यह हाईटेक सर्विस देव दीपावली (24 नवंबर, 2026) के आसपास शुरू हो सकती है। 800 करोड़ की लागत से बना यह रोपवे कैंट रेलवे स्टेशन से काशी विश्वनाथ धाम के पास (गोदौलिया) सिर्फ 16 मिनट में पहुंच
.
मेक्सिको और बोलीविया के ला पाज-एल आल्टो शहर के बाद वाराणसी दुनिया का तीसरा ऐसा शहर बनने जा रहा, जहां रोपवे का इस्तेमाल सामान्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट (शहरी यातायात) की तरह किया जाएगा। ये रिपोर्ट पढ़िए…

दुनिया भर में क्यों खास है वाराणसी रोपवे?
घनी आबादी में ट्रैफिक का समाधान : यह 3.85 किलोमीटर लंबा अर्बन रोपवे बेहद घनी आबादी वाले और संकरे इलाकों के ऊपर से गुजरेगा। इसके शुरू होने से सड़क का ट्रैफिक 40% तक कम होने का अनुमान है।
शानदार क्षमता : इस हवाई कॉरिडोर में दोनों दिशाओं से केबल कारें (केबिन) चलेंगी। एक दिशा में 3,000 और दोनों दिशाओं को मिलाकर हर घंटे 6,000 यात्री सफर कर सकेंगे। रोजाना करीब 96 हजार लोगों को इसका फायदा मिलेगा।
अगर दुनिया के दूसरे शहरों से तुलना करें-
- बोलीविया के ला पाज में 30.5 किलोमीटर का रोपवे नेटवर्क है, जो 11 लाइनों में फैला है। वहां इसका मकसद पहाड़ी इलाकों में सफर आसान करना है।
- मेक्सिको सिटी का 10.6 किलोमीटर लंबा रोपवे घनी आबादी वाले इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ता है। हर घंटे करीब 5 हजार यात्रियों को सफर कराता है।

दावा- रोपवे कॉरिडोर से 40% ट्रैफिक कम होगा
वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के मुताबिक, शहर के सबसे व्यस्त और संकरे इलाकों के ऊपर से गुजरने वाले इस रोपवे के शुरू होने से जमीनी ट्रैफिक 40% तक कम हो जाएगा। इस पूरे कॉरिडोर में कुल 5 स्टेशन बनाए गए हैं-
1. वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन (शुरुआती टर्मिनल) इसे अत्याधुनिक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की तरह डिजाइन किया गया है। जिससे यात्री ट्रेन से उतरकर बिना स्टेशन परिसर से बाहर निकले सीधे रोपवे पकड़ सकें। यहां एयरपोर्ट स्टाइल लाउंज, हाईटेक डिजिटल क्लॉक रूम और सिर्फ कुछ घंटे रुकने वाले दर्शनार्थियों के लिए शॉर्ट-स्टे मिनी होटल्स (रिफ्रेशिंग रूम) की सुविधा होगी।

2. काशी विद्यापीठ स्टेशन यह छात्रों, रिसर्चर्स और स्थानीय दुकानदारों के लिए प्रमुख स्टॉप होगा। कैंट से विद्यापीठ के बीच सड़क पर बर्बाद होने वाले 15-20 मिनट के ट्रैफिक जाम से अब मुक्ति मिलेगी।
3. रथयात्रा स्टेशन वाराणसी का प्रमुख व्यापारिक केंद्र, जो लक्सा रोड, भेलूपुर और सिगरा जैसे बड़े कपड़ा बाजारों को जोड़ता है। गोदौलिया के मुख्य मंदिर क्षेत्र से बाहर इन कॉमर्शियल इलाकों और होटलों में ठहरने वाले पर्यटक यहां से सीधे केबल कार पकड़कर कुछ ही मिनटों में घाटों तक पहुंच सकेंगे।
4. गिरजाघर स्टेशन (केवल तकनीकी स्टॉप) यहां यात्रियों के लिए केबल कार के दरवाजे नहीं खुलेंगे और न ही टिकट मिलेगा। दरअसल, रथयात्रा से गोदौलिया के बीच संकरा और घने मोड़ के कारण केबल कार 90 डिग्री पर सीधे नहीं मुड़ सकती। इसलिए यह स्टेशन केबल कार को हवा में 65 डिग्री के सुरक्षित एंगल पर मोड़ने के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ और इमरजेंसी बैकअप के रूप में बनाया गया है।
5. गोदौलिया चौक (लास्ट टर्मिनल) यहां से काशी विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट की दूरी महज 400 मीटर रह जाएगी। पहले कैंट से यहां तक ऑटो या ई-रिक्शा से भीषण जाम झेलना पड़ता था, लेकिन अब सफर आसान होगा। वाराणसी की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने के लिए इस स्टेशन के बाहरी हिस्से को चुनार के लाल पत्थरों और नक्काशीदार शीशों से सजाया जा रहा है।

सिर्फ ₹10 में करें AC केबिन का सफर
आम जनता की जेब को ध्यान में रखते हुए इस हाईटेक रोपवे का सफर बेहद किफायती रखा गया है। 23 जून को जारी आधिकारिक किराया सूची के अनुसार, न्यूनतम किराया ₹10 तय किया गया है। यह ‘स्लैब सिस्टम’ के तहत स्टेशन की दूरी के आधार पर बढ़ेगा।
इसको ऐसे समझिए कि कैंट से विद्यापीठ तक ₹10 किराया है। फिर हर स्टेशन के हिसाब से 10-10 रुपए किराया बढ़ता जाएगा। वाराणसी कैंट से आखिरी स्टेशन गोदौलिया चौक तक के पूरे सफर के लिए ₹50 चुकाने होंगे।
लेकिन, ये सड़क के जाम और ई-रिक्शा या ऑटो के किराए से तुलना करने पर सस्ता लगता है। ई-रिक्शा या ऑटो इस दूरी के लिए 30 से 40 रुपए प्रति सवारी लेते हैं। भीषण जाम में 45 मिनट से ज्यादा समय भी बर्बाद होता है। हालांकि, हर साल 1 अप्रैल को रोपवे के किराए में 1% से लेकर 5% तक की बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है।

‘काशी स्मार्ट पास’ पर मिलेगा 20% का डिस्काउंट
स्थानीय दुकानदारों और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों को ध्यान में रखते हुए काशी स्मार्ट पास सिस्टम लागू किया जा रहा है। इस QR बेस्ड स्मार्ट कार्ड का उपयोग करने पर हर यात्रा पर सीधे 20% का डिस्काउंट मिलेगा। स्मार्ट पास के जरिए कैंट से गोदौलिया का ₹50 वाला पूरा सफर मात्र ₹40 में तय होगा।
वहीं, विद्यापीठ से रथयात्रा का ₹10 वाला किराया ₹8 का हो जाएगा। जो लोग हर महीने का फिक्स पास बनवाएंगे, उन्हें 30% तक की भारी छूट मिलेगी। इससे डेली अप-डाउन करने वालों को फायदा होगा।
टूरिस्ट बुक करा सकेंगे पूरी केबिन
कॉरपोरेट VIP, स्पेशल VVIP परिवारों और लक्जरी टूरिस्ट्स के लिए एक पूरी केबल कार बुक करने का भी प्रावधान है। अगर कोई पूरा ग्रुप या परिवार अकेले प्राइवेट सफर करना चाहता है, तो ₹2,000 प्रति यात्रा की दर से पूरा रोपवे केबिन बुक किया जा सकता है।
अगर कोई ट्रैवल एजेंसी, होटल या संस्था पहले से एडवांस में ग्रुप बुकिंग कराती है, तो उन्हें डिस्काउंट मिलेगा। उन्हें हर केबिन का सिर्फ ₹1200 देना होगा।

बिजली कटे या आंधी आए, रोपवे सेफ है
वाराणसी रोपवे में इंटरनेशनल सेफ्टी स्टैंडर्ड अपनाए गए हैं, जिससे बिजली कटने या आंधी-तूफान आने पर यात्रियों को समस्या न हो। मेन बिजली कटने पर पूरा सिस्टम एक सेकेंड के भीतर ऑटोमैटिक जनरेटर और हैवी-ड्यूटी इनवर्टर बैकअप पर शिफ्ट हो जाएगा।
अगर पूरी बिजली व्यवस्था भी फेल हो जाती है, तो हर स्टेशन पर बैकअप के रूप में ‘इमरजेंसी डीजल इंजन’ लगाए गए हैं। इनका काम हवा में फंसी सभी केबल कारों को सुरक्षित रूप से अगले स्टेशन तक खींचकर लाना होगा। जिससे यात्री हवा में न फंसे रहें।
हवा की स्पीड मापने के लिए टावरों पर ‘एनीमोमीटर’ लगाए गए हैं। अगर हवा की रफ्तार 65 से 70 किमी प्रति घंटा से ज्यादा होती है, तो सिस्टम अलार्म बजाकर केबल कार की स्पीड को ऑटोमैटिक धीमा कर देगा। इसके बाद यात्रियों को सुरक्षित स्टेशनों पर उतारकर ऑपरेशन रोक दिया जाएगा।

—————————————-
आपके काम की ये खबरें भी पढें-
योगी के ‘जनता दर्शन’ में कैसे पहुंचें?, CM से मिलने के लिए क्या करें? कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी; ये सामान मत ले जाएं

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों की समस्याएं सीधे सुनने के लिए ‘जनता दर्शन’ लगाते हैं। यहां पहुंचने वाले लोग जमीन के झगड़े, पुलिस से होने वाली परेशानी, पेंशन न मिलना, सरकारी योजनाओं का फायदा न मिलना, इलाज के लिए आर्थिक मदद जैसी बातें मुख्यमंत्री को सीधे बता पाते हैं। लेकिन, हर कोई मुख्यमंत्री से नहीं मिल सकता। इसका एक प्रॉसेस होता है, जिसको फॉलो करना जरूरी है। पढ़िए पूरी खबर…
———————
पेट्रोल-डीजल की जगह एथनॉल से चलेंगी गाड़ियां, ये पेट्रोल से ₹30 तक सस्ता होगा, गाजियाबाद-नोएडा के बाद इन शहरों में लगेंगे पंप

देशभर में पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। यूपी में डीजल ₹95 और पेट्रोल ₹102 के आसपास बिक रहा है। इसलिए ऑप्शन के तौर पर एथनॉल से चलने वाली गाड़ियों की चर्चा हो रही है। इसे फ्लेक्स फ्यूल भी कहा जा रहा है। जिसकी कीमत ₹70 से ₹75 प्रति लीटर हो सकती है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, देशभर के सभी पेट्रोल पंप पर E20 मिलने लगा है। पढ़िए पूरी खबर…