गोपाल गिरि | लखीमपुर-खीरी6 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों को राहत देते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व सहित राज्य के सभी टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र की अवधि बढ़ा दी है। अब इन टाइगर रिजर्व में पर्यटन गतिविधियां 30 जून 2026 तक संचालित की जा सकेंगी। यह निर्णय लखीमपुर खीरी से संबंधित है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) उत्तर प्रदेश, लखनऊ, अनुराधा वेमूरी द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, दुधवा टाइगर रिजर्व, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व और रानीपुर टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र 30 जून 2026 को बंद किया जाएगा। यह आदेश सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद जारी किया गया है।


सामान्यतः, मानसून सत्र शुरू होने से पहले टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए बंद कर दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य वर्षा के दौरान वन्यजीवों को प्राकृतिक वातावरण प्रदान करना और वन मार्गों का रखरखाव करना होता है। इस वर्ष पर्यटन सत्र बढ़ने से पर्यटकों को जंगल सफारी, वन्यजीवों के दर्शन और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन के अनुसार, पर्यटन सत्र में वृद्धि से स्थानीय पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को लाभ होगा। इसमें होटल, रिसॉर्ट, गाइड और अन्य संबंधित गतिविधियां शामिल हैं। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक जून माह के अंत तक दुधवा के जंगलों में बाघ, गैंडा, बारहसिंगा, हाथी और अन्य वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे। वन विभाग के इस फैसले का पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक कदम बताया है।
