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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। अब मान्यता के लिए भूमि के मानकों को आसान कर दिया। अब ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पूरे वर्ष खुले रहेंगे। 30 वर्ष की ल
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परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर परिषद के विनियम (अध्याय-7) में संशोधन कर मान्यता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यावहारिक और सरल बनाया है।
शहर और गांव के लिए नए भूमि मानक
शहरी क्षेत्र में विद्यालय के लिए न्यूनतम 3,000 वर्गमीटर भूमि जरूरी होगी। इसमें 1,000 वर्गमीटर का खेल मैदान शामिल होगा। खेल मैदान विद्यालय परिसर से 200 मीटर की दूर भी बनाए जा सकेंगे। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में 6,000 वर्गमीटर भूमि अनिवार्य होगी। इसमें 2,000 वर्गमीटर खेल मैदान के लिए होगा।
सालभर खुला रहेगा आवेदन पोर्टल
अब वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पूरे वर्ष खुला रहेगा। इससे संस्थाएं अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय आवेदन कर सकेंगी। पहले केवल पंजीकृत समिति, ट्रस्ट या ‘नॉट फॉर प्रॉफिट’ कंपनियां ही मान्यता के लिए आवेदन कर सकती थीं। अब इसमें भी संशोधन कर दिया गया है।
ये भी स्कूल मान्यता के लिए आवेदन दे सकेंगे।
- सांविधिक निकाय
- स्वायत्तशासी संस्थाएं
- सार्वजनिक उपक्रम (PSU)
- स्थानीय निकाय
30 साल की लीज वाली जमीन पर भी मिलेगी मान्यता
नए नियमों के तहत अब 30 वर्ष की पंजीकृत लीज डीड के आधार पर भी विद्यालयों को मान्यता दी जा सकेगी। इससे उन संस्थाओं को राहत मिलेगी, जिनके पास जमीन का स्वामित्व नहीं है, लेकिन 30 वर्ष या इससे अधिक वर्षों का लीज है।
आवेदन प्रक्रिया को भी बनाया सरल
परिषद ने आवेदन प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। अब बिना विलंब शुल्क आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई होगी। विलंब शुल्क के साथ भी निर्धारित अवधि तक आवेदन किए जा सकेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को अपनी आख्या और संस्तुति 20 अगस्त तक भेजनी होगी। पहले लागू 20 हजार रुपए का विलंब शुल्क समाप्त कर दिया गया है।
पुराने स्कूलों को बड़ी राहत
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव उन संस्थाओं के लिए किया गया है, जिन्हें 26 दिसंबर 2022 से पहले मान्यता मिल चुकी है। ऐसे विद्यालयों के लिए जमीन का क्षेत्रफल उसी मानक के अनुसार माना जाएगा, जो 26 दिसंबर 2022 से पहले लागू था।
इंटरमीडिएट स्तर पर नए वर्ग या अतिरिक्त विषय शुरू करने के लिए अब केवल अतिरिक्त कक्षा-कक्ष और प्रयोगशाला की उपलब्धता ही पर्याप्त होगी। नए सिरे से भूमि मानक लागू नहीं होंगे।
परिषद सचिव बोले, शिक्षा के विस्तार को मिलेगा बढ़ावा
परिषद के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि संशोधित विनियम उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 की धारा 16(2) के तहत लागू किए गए हैं। सभी संबंधित संस्थाएं परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर संशोधित नियमों और विस्तृत दिशा-निर्देशों का अध्ययन कर सकती हैं।