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यूपी में युवाओं को बिना ब्याज ₹5 लाख तक कर्ज मिल रहा है। वहीं, महिलाओं को 2.5 लाख और किसानों को 5 लाख रुपए तक लोन सिर्फ 4% ब्याज पर मिल रहा। महिलाओं को सस्ते कर्ज के लिए गारंटी देने की जरूरत भी नहीं है। यूपी सरकार के सस्ते लोन लेने का पूरा प्रॉसेस समझने के लिए यह रिपोर्ट पढ़िए… छोटे बिजनेस के लिए सस्ता लोन युवाओं को बिना ब्याज 5 लाख तक का लोन ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ में युवाओं को बिजनेस के लिए लोन दिया जाता है। इसमें ब्याज और गारंटी की जरूरत नहीं होती। पहली बार आवेदन पर 5 लाख तक का लोन मिलता है, जिसे 4 साल में भरना होता है। इसके साथ ही सरकार प्रोजेक्ट लागत पर 10% सब्सिडी भी देती है। अगर किसी प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹10 लाख है, तो ₹1 लाख तक सरकार देगी। पहला लोन समय पर चुकाने के बाद दूसरे फेज में ₹10 लाख तक का लोन मिलेगा। इसमें ₹7.5 लाख तक की राशि पर 3 साल तक सिर्फ 3.5% ब्याज देना होगा। लोन आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से ODOP, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, ITI या पॉलिटेक्निक का सर्टिफिकेट होना चाहिए। वो कम से कम 8वीं पास हो। उम्र 21 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। इससे जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9129-987-111 या cmyuva.msme@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है। महिलाओं को बिना सिक्योरिटी 20 लाख तक का लोन अच्छे रिकॉर्ड वाले महिला स्वयं सहायता समूह को बैंक 20 लाख तक का लोन बिना जमीन या संपत्ति गिरवी रखे दे सकता है। इसके लिए महिला समूह को एक छोटे प्रॉसेस से गुजरना पड़ता है। केंद्र सरकार भी ‘लखपति दीदी योजना’ के जरिए महिलाओं की सालाना आय ₹1 लाख से ऊपर पहुंचाने का प्रयास कर रही है। इसके तहत महिलाओं को ड्रोन, डिजिटल बैंकिंग, सिलाई, मशरूम खेती, पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग जैसे कामों की ट्रेनिंग दी जाती है। स्वयं सहायता समूहों को ₹20 से ₹30 हजार तक का रिवॉल्विंग फंड मिलता है। मान लीजिए 10 महिलाओं के समूह को सरकार ने ₹30 हजार दिए। समूह इस पैसे में से किसी सदस्य को बकरी खरीदने या सिलाई मशीन लेने जैसे इन्वेस्टमेंट के लिए लोन दे सकता है। जब समूह अच्छा काम करने लगता है, तो उसे ₹2.5 लाख तक कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड मिलता है। इससे कई महिलाएं मिलकर मसाला बनाने या डेयरी का कारोबार शुरू कर सकती हैं। अच्छे रिकॉर्ड वाले समूह को बैंक ₹20 लाख तक लोन दे सकता है। महिलाओं के बनाए गए प्रोडक्ट को Amazon Saheli, Flipkart Samarth और GeM जैसे प्लेटफॉर्म पर बेचा जाता है। OBC और अल्पसंख्यक महिलाओं को भी सस्ता लोन यूपी पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ‘महिला समृद्धि योजना’ के तहत OBC और अल्पसंख्यक महिलाओं को आर्थिक मदद देता है। इसके तहत महिलाओं को ब्यूटी पार्लर, बुटीक, सिलाई सेंटर, किराना या अन्य छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹1.40 लाख तक का लोन दिया जाता है। इस पर ब्याज दर सिर्फ 4% से 5% सालाना रहती है। आवेदन की प्रक्रिया जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के कार्यालय और विकास भवन के जरिए पूरी की जाती है। किसानों को सिर्फ 4% ब्याज पर ₹5 लाख तक का लोन किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसानों को खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए सस्ता लोन मिलता है। बैंक आमतौर पर 9% ब्याज दर पर लोन देते हैं, लेकिन केंद्र सरकार 2% ब्याज सब्सिडी देती है। इससे ब्याज दर 7% रह जाती है। अगर किसान समय पर लोन चुका देता है, तो उसे 3% की एक्स्ट्रा छूट मिलती है। इससे प्रभावी ब्याज दर सिर्फ 4% रह जाती है। RBI के नियमों के मुताबिक, किसान ₹2 लाख तक का कृषि लोन बिना जमीन या अन्य संपत्ति गिरवी रखे ले सकते हैं। वहीं, सरकार ने रियायती ब्याज दर पर मिलने वाले KCC लोन की सीमा बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। खेती-किसानी के लिए स्पेशल लोन यूपी सरकार की मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में किसानों को अब सस्ता लोन मिल रहा है। पहले सहकारी ग्राम विकास बैंक से ऐसे लोन पर करीब 11.5% ब्याज देना पड़ता था, लेकिन अब सिर्फ 6% ब्याज देना होगा। इससे ज्यादा ब्याज की सब्सिडी राज्य सरकार देती है। ये रियायती 6% की दर उन किसानों पर लागू होती है, जो तय समय पर लोन चुकाते हैं। समय पर पैसा न जमा करने की स्थिति में बैंक पेनाल्टी (ब्याज) लगा सकते हैं। महिला किसानों को ब्याज में 1% एक्स्ट्रा छूट मिलती है। इस लोन से किसान ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, पंपसेट, ट्यूबवेल और ड्रिप सिंचाई जैसी सुविधाएं ले सकते हैं। लोन चुकाने के लिए 15 साल तक का समय मिलता है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान नजदीकी सहकारी ग्राम विकास बैंक शाखा से संपर्क कर सकते हैं। इस योजना का फायदा केवल लघु और सीमांत किसानों को मिलता है। 1 हेक्टेयर (2.5 एकड़) से कम जमीन वाले सीमांत किसान और 1 से 2 हेक्टेयर (2.5-5 एकड़) जमीन वाले लघु किसान योजना के लिए पात्र हैं। आवेदक बैंक का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। बड़े बिजनेस के लिए सरकारी लोन प्रोडक्शन यूनिट और सर्विस सेक्टर के लिए ₹25 लाख तक का लोन ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ के तहत मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए ₹25 लाख तक का बैंक लोन मिलता है। सर्विस सेक्टर के लिए ₹10 लाख तक लोन दिया जाता है। इसमें कोचिंग सेंटर, ब्यूटी पार्लर, ट्रैवल एजेंसी, कंप्यूटर सेंटर, रिपेयरिंग शॉप, क्लिनिक आते हैं। ब्याज दर बैंकों के सामान्य नियमों के अनुसार तय होती हैं। इसके लिए आवेदक कम से कम 10वीं पास हो और उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। आवेदक किसी भी बैंक या सरकारी संस्था का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। सरकार की सब्सिडी आपके लोन का ज्यादातर हिस्सा चुका देती है, जिससे आपको कम पैसा वापस करना पड़ता है। नया प्लांट, फैक्ट्री लगाने पर ₹4 करोड़ तक की सब्सिडी यूपी सरकार की MSME प्रमोशन पॉलिसी-2022 के तहत नया उद्योग लगाने वालों को कई तरह की आर्थिक मदद दी जा रही है। बुंदेलखंड और पूर्वांचल में उद्योग लगाने पर माइक्रो यूनिट्स को 25%, स्मॉल यूनिट्स को 20% और मीडियम यूनिट्स को 15% तक कैपिटल सब्सिडी मिलती है। मध्यांचल और पश्चिमांचल में ये सब्सिडी 20%, 15% और 10% है। महिला, SC और ST उद्यमियों को 2% एक्स्ट्रा लाभ मिलता है। मानिए आपने एक छोटा उद्योग लगाने में ₹50 लाख निवेश किया। आपकी यूनिट 20% कैपिटल सब्सिडी पाने के लिए इलिजिबल है, तो सरकार आपको 50 लाख का 20% यानी ₹10 लाख की सहायता देगी। उद्योग के लिए जमीन खरीदने पर बुंदेलखंड और पूर्वांचल में 100% स्टांप ड्यूटी छूट दी जाती है। नोएडा और गाजियाबाद में 50% छूट का प्रावधान है। महिला उद्यमियों को पूरे प्रदेश में 100% स्टांप ड्यूटी माफी मिलती है। अन्य फायदे- नई माइक्रो यूनिट्स को बैंक लोन के ब्याज पर 5 साल तक 50% सब्सिडी मिलेगी। महिला और SC/ST उद्यमियों को ब्याज पर 60% सब्सिडी मिलेगी। सरकार 5 साल तक नियोक्ता के EPF का पूरा खर्च देगी। यानी कर्मचारियों के EPF में कंपनी मालिक का जो हिस्सा जमा होता है, उसे सरकार वापस कर देगी। नई यूनिट्स को 10 साल बिजली ड्यूटी में छूट मिलेगी। ZED, GMP और हॉलमार्क सर्टिफिकेशन के लिए 75% तक (अधिकतम ₹5 लाख), पेटेंट या GI टैग पाने के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक का रीइंबर्समेंट मिलता है। ODOP के तहत ₹25 लाख तक का बैंक लोन एक जिला, एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत उद्यमियों को ₹25 लाख तक का बैंक लोन मिल सकता है। ₹25 लाख तक के प्रोजेक्ट पर 25% या अधिकतम ₹6.25 लाख की सब्सिडी मिलती है। अगर प्रोजेक्ट ₹25 लाख से ₹50 लाख तक है, तो 20% (अधिकतम ₹5 लाख) सब्सिडी का नियम है। ₹50 लाख से ₹1.50 करोड़ तक के प्रोजेक्ट पर कुल लागत का 15% या अधिकतम ₹7.50 लाख की सब्सिडी का प्रावधान है। ₹1.50 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट पर कुल लागत का 10% या अधिकतम ₹20.00 लाख तक की सब्सिडी दी जाती है। छोटे कारोबारों के लिए बैंक से लोन लेने में जिला उद्योग केंद्र (DIC) भी मदद करता है। ऑफिशियल वेबसाइट odopup.in अब सीधे काम नहीं करती। इसलिए आवेदन के लिए MSME पोर्टल पर पर जाएं। यहां ODOP Margin Money Scheme सेलेक्ट करें और सभी जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें। महिलाओं को बड़े कारोबार के लिए ₹1 करोड़ तक का लोन स्टैंड-अप इंडिया योजना महिलाओं और SC/ST उद्यमियों के लिए है। नया कारोबार शुरू करने के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का लोन मिलता है। इस योजना में जमीन या मकान गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती। उद्यमी को प्रोजेक्ट लागत का सिर्फ 10-15% हिस्सा खुद लगाना होता है, बाकी रकम बैंक देता है। लोन चुकाने के लिए 7 साल तक का समय और 18 महीने तक की राहत (मोराटोरियम) मिल सकती है। योजना का मकसद नए उद्यमियों को कारोबार शुरू करने में आर्थिक मदद देना है। इस योजना में आवेदन करने वाले की उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए। वह किसी भी बैंक का डिफॉल्टर न हो। कृषि स्टार्टअप को ₹2 करोड़ तक का लोन कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के तहत किसान, स्टार्टअप और कृषि उद्यमी कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, प्रोसेसिंग यूनिट और कृषि मशीनों जैसी प्रोजेक्ट्स के लिए लोन ले सकते हैं। सरकार ₹2 करोड़ तक के लोन पर 7 साल तक 3% ब्याज छूट देती है। योजना के तहत ₹2 करोड़ तक का लोन बिना गारंटी मिल सकता है और इसकी क्रेडिट गारंटी का खर्च भी सरकार उठाती है। उद्यमी अलग-अलग स्थानों पर अधिकतम 25 प्रोजेक्ट्स के लिए इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। ——————————— अपने काम की ये खबरें भी पढ़िए… यूपी में विधवा-बुजुर्ग और दिव्यांगों को ₹500 ज्यादा मिलेंगे, 8 बड़ी पेंशन योजनाओं का फायदा उठाएं, जानिए किन्हें मिलता फ्री आवास का लाभ यूपी सरकार प्रदेश के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए कई पेंशन योजनाएं चला रही है। इसके अलावा किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना और ट्रिपल तलाक व एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाती है। इन योजनाओं के तहत कितनी पेंशन मिलती है? कौन-कौन लोग इसके लिए पात्र हैं? आवेदन की प्रक्रिया क्या है? पढ़िए इस रिपोर्ट में… गैस सिलेंडर डिलिवरी से जुड़े नियम बदले:e-KYC न कराने पर बंद होगी सब्सिडी, 21 के बजाय 25 दिन में मिलेगा दूसरा सिलेंडर केंद्र सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर (LPG) की रिफिलिंग से जुड़े नियम 1 जून से बदल दिए हैं। नए नियम के तहत शहरों में अब 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक करा सकेंगे। पहले ये समय 21 दिन था। वहीं, गांवों में 45 दिन बाद ही दूसरी बुकिंग होगी। इसके अलावा कॉमर्शियल गैस की डिलिवरी और पाइपलाइन से घरों तक पहुंचने वाली रसोई गैस (PNG) के नियम भी सख्त हो गए हैं। पूरी रिपोर्ट पढ़िए…
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UP में बिना ब्याज मिल रहा सरकारी लोन:युवाओं को बिजनेस के लिए ₹1 करोड़ तक का फंड; ऐसे करें आवेदन