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- The World Cup Will Be Held In July, With 2,000 Players Expected To Participate.
चार्ली कैंपबेल. द न्यूयॉर्क टाइम्स31 मिनट पहले
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रियाद में 6 जुलाई को होने वाले तीसरे ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप में 24 अलग-अलग वीडियो गेम्स में 2000 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
सऊदी अरब की राजधानी रियाद 6 जुलाई को दुनिया के सबसे बड़े गेमिंग मंच में बदलने जा रही है। यहां लगातार तीसरे साल ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप आयोजित होगा, जिसमें करीब 2000 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ये खिलाड़ी 24 अलग-अलग वीडियो गेम्स में मुकाबला करेंगे और 75 मिलियन डॉलर यानी करीब 711 करोड़ रुपए की प्राइज मनी के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।
सऊदी पिछले कुछ समय से ई-स्पोर्ट्स को लगातार बढ़ावा दे रहा है और इसमें निवेश कर रहा है। सऊदी अरब के ई-स्पोर्ट्स में निवेश के पीछे तीन मुख्य कारण हैं-
1. पहला कारण युवा आबादी है- सऊदी अरब की करीब दो-तिहाई आबादी 35 साल से कम उम्र की है। यह पीढ़ी डिजिटल दुनिया और गेमिंग से गहराई से जुड़ी हुई है। देश में लगभग 67% लोग गेम खेलते हैं, यानी करीब 2.35 करोड़ लोग। सरकार चाहती है कि इन युवाओं को सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि करियर और रोजगार के नए मौके भी मिलें। ई-स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में गेमिंग, स्ट्रीमिंग, कंटेंट क्रिएशन और इवेंट मैनेजमेंट जैसे कई क्षेत्र खुलते हैं।
2. तेल पर निर्भरता कम करना भी इसकी वजह है – सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था अभी भी काफी हद तक तेल और गैस पर टिकी हुई है। लेकिन वैश्विक स्तर पर ऊर्जा के विकल्प तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में सरकार ‘विजन 2030’ के तहत नई इंडस्ट्रीज को बढ़ावा दे रही है, ताकि भविष्य में अर्थव्यवस्था ज्यादा स्थिर और विविध हो सके। खेल और मनोरंजन, खासकर ई-स्पोर्ट्स, इस बदलाव का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं।
3. तीसरा कारण है भविष्य की टेक्नोलॉजी- ई-स्पोर्ट्स केवल गेम खेलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े डिजिटल इकोसिस्टम का हिस्सा है। इसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग जैसे कई आधुनिक क्षेत्र शामिल हैं। सऊदी अरब इस पूरे इकोसिस्टम में निवेश कर रहा है, ताकि वह टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी मजबूत पकड़ बना सके।
हालांकि, ईरान युद्ध के कारण क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और कई खेल आयोजन प्रभावित हुए हैं, फिर भी वर्ल्ड कप को लेकर तैयारियां जारी हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि युद्धविराम के बाद हालात बेहतर होंगे और दर्शकों की भागीदारी भी बढ़ेगी। पिछले साल इस टूर्नामेंट को करीब 30 लाख लोगों ने सीधे देखा था, जबकि 75 करोड़ से ज्यादा दर्शकों ने इसे ऑनलाइन फॉलो किया। इस बार भी इससे बेहतर प्रतिक्रिया की उम्मीद की जा रही है।
डिजिटल इकोसिस्टम तैयार कर रहा सऊदी सऊदी अरब अब केवल इवेंट्स आयोजित करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह एक पूरा डिजिटल इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। इसमें गेमिंग सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर, स्ट्रीमिंग और टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसी दिशा में रियाद में एक बड़ा टेक हब भी विकसित किया जा रहा है, जहां आने वाले समय में ‘मेड इन सऊदी’ डिवाइसेज तैयार किए जाएंगे।
