निस्वार्थ प्रेम से ही रिश्ते निभते हैं: जया किशोरी:कथा के अंतिम दिन कर्म और मोक्ष का भी महत्व श्रद्धालुओं को समझाया

रिश्तों में स्वार्थ नहीं, बल्कि निस्वार्थ प्रेम ही सबसे बड़ा आधार है। श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर कथावाचक जया किशोरी ने प्रेम, कर्म और मोक्ष का संदेश देते हुए कहा कि भगवान भी सच्चे प्रेम के आगे स्वयं को समर्पित कर देते हैं। कथा समाप्ति पर हजारों श्रद्धालु भावुक हो गए और पूरे पंडाल…

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भगवान की लीलाओं को सही नजरिए से देखें:कथा में जया किशोरी बोलीं- भगवान पर हंसना बंद करें, बदलाव खुद आएगा

श्रीश्याम परिवार सेवा ट्रस्ट की ओर से फतेहाबाद रोड स्थित राजदेवम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को कथावाचक पूज्य जया किशोरी ने कहा कि भगवान की लीलाओं को सांसारिक नजरिए से नहीं, बल्कि भगवत दृष्टि से देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य दुख के समय भगवान को याद करता है, लेकिन सुख…

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