20 मिनट पहले
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भारत के पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों को नो-बॉल डालने से रोकने के लिए अनोखा फॉर्मूला दिया है। गावस्कर ने कहा कि हर नो-बॉल पर खिलाड़ी पर जुर्माना लगे और अगली गलती पर इसे दोगुना कर दिया जाए। साथ ही उन्होंने गेंदबाजी कोच को भी आधा जुर्माना देने का सुझाव दिया।
गावस्कर ने मिड-डे के अपने कॉलम में लिखा- ‘इकट्ठा हुई रकम का इस्तेमाल खिलाड़ियों के अलग होने से पहले होने वाले टीम डिनर में किया जा सकता है।’ उन्होंने कहा- ऐसी मजेदार गतिविधि से खिलाड़ियों के बीच रिश्ता और मजबूत होगा।
दरअसल श्रीलंका टेस्ट सीरीज में भारतीय गेंदबाजों ने कुल 20 नो-बॉल डाले। पहले टेस्ट में 7 और दूसरे में 13 नो-बॉल फेंके गए। पिछले 5 साल में रवींद्र जडेजा 88 से ज्यादा नो-बॉल डाल चुके हैं। श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज भारत 1-0 से जीता। कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट ड्रॉ रहा था।

भारतीय गेंदबाजों ने टेस्ट सीरीज के 2 मैचों में 20 नो-बॉल डाले।
गावस्कर ने कहा- ओवरथ्रो पर बैकअप न देने पर भी जुर्माना लगे
गावस्कर ने दूसरी गलतियों पर भी जुर्माना लगाने को कहा। उन्होंने लिखा- ओवरथ्रो पर बैकअप न देने जैसी गलतियों पर भी टीम वोटिंग से जुर्माना तय किया जा सकता है।’ गावस्कर ने साफ किया कि रन-अप मापने के लिए टेप उपलब्ध रहता है, इसलिए क्रीज से आगे पैर निकलने का कोई बहाना नहीं चलेगा।
स्पिन कोच के ‘फ्री-हिट’ की सलाह को खारिज किया
नो-बॉल की परेशानी पर भारतीय स्पिन बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले ने मजाक करते हुए कहा था कि इसे रोकने के लिए टेस्ट में भी फ्री-हिट शुरू कर देनी चाहिए। इससे गलती रोकने में मदद मिलेकी।
गावस्कर ने बहुतुले के इस विचार को खारिज किया। उन्होंने कहा कि टेस्ट में बल्लेबाजों को मुफ्त के रन देने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। उन्होंने लिखा- ‘वैसे भी एक ओवर में बाउंसर की संख्या 2 तक सीमित है और बाउंड्री छोटी कर दी गई हैं। इससे रन बनाना थोड़ा आसान हो गया है।’

बहुतुले ने कहा था कि टेस्ट में भी नो-बॉल पर फ्री-हिट देने चाहिए।
कोलंबो टेस्ट में भारत को नहीं मिली जीत
दूसरे टेस्ट में भारत को आखिरी दिन 4 विकेट गिराने थे। श्रीलंका के सोनल दिनुशा ने नाबाद शतक लगाते हुए मैच ड्रॉ करा दिया था। हालांकि भारत 1-0 से सीरीज जीता।

भारत ने टेस्ट सीरीज 1-0 से जीती।
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