ओमपाल | रामपुर3 मिनट पहले
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रामपुर के बीसरा गांव में कथित झोलाछाप चिकित्सक के इलाज से एक किसान की मौत हो गई है। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मृतक की पहचान 35 वर्षीय दौलत सिंह के रूप में हुई है, जो खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके भाई अरविंद के अनुसार, हल्की तबीयत खराब होने पर दौलत सिंह गांव में ही इलाज करने वाले भगवानदास नामक व्यक्ति के पास दवा लेने गए थे।
आरोप है कि भगवानदास ने दौलत सिंह को भूखे पेट ही ड्रिप चढ़ा दी, जिससे उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर कथित झोलाछाप क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया। परिजन गंभीर हालत में दौलत सिंह को बचाने का प्रयास करते रहे, लेकिन उनकी मौत हो गई।

इस घटना से परिवार में मातम पसरा हुआ है। दौलत सिंह अपने पीछे पत्नी सत्यवती (लगभग 30 वर्ष), 11 वर्षीय बेटी सलोनी, 9 वर्षीय बेटा नैतिक और छह माह के मासूम चिराग को छोड़ गए हैं।
परिजनों ने बताया कि सत्यवती मानसिक रूप से कमजोर हैं, और अब पूरे परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
मृतक के भाई अरविंद ने आरोपी भगवानदास के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते झोलाछाप चिकित्सकों पर प्रभावी कार्रवाई की जाती, तो उनके भाई की जान बच सकती थी। थाना पटवाई के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. दीपा सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। संबंधित चिकित्साधिकारी से प्रकरण की जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। इस घटना के बाद जिले में झोलाछाप चिकित्सकों के अवैध इलाज पर लगाम लगाने की आवश्यकता पर फिर से बहस छिड़ गई है।
