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नई दिल्ली11 मिनट पहले
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राहुल गांधी ने सोमवार को पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से निपटने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की हालिया ‘सात अपीलों’ पर पलटवार किया और उन्हें उपदेश कहने के बजाय नाकामियां करार दिया।
X पर एक पोस्ट में राहुल ने लिखा- मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे। ये उपदेश नहीं, ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है- क्या खरीदे क्या नहीं। कहां जाए, कहां नहीं।
दरअसल, रविवार को सिकंदराबाद में एक जनसभा में पीएम मोदी ने आयात पर निर्भरता कम करने की जरूरत पर जोर दिया था, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके और पर्यावरण की रक्षा हो सके।

पीएम ने कहा था- भारत में तेल के कुएं नहीं, पेट्रोल कम यूज करें
पीएम मोदी रविवार को तेलंगाना दौरे पर थे, जहां उन्होंने कहा था कि आज के समय में पेट्रोल, गैस और डीजल का इस्तेमाल कम करना होगा। पड़ोस में चल रहे युद्ध के असर से दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल के दाम कई गुना बढ़ गए हैं। भारत पर इस वैश्विक संकट का असर ज्यादा है, हमारे पास तेल के बड़े कुएं नहीं हैं। आज हमें वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों की जरूरत है। जिन शहरों में मेट्रो है, वहां लोग मेट्रो का इस्तेमाल करें।
PM मोदी ने जनता से ये अपीलें कीं
- एक साल तक सोना न खरीदने की अपील- सोने के आयात में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। देशहित में लोगों को एक साल तक सोना खरीदने और दान करने से बचना चाहिए।
- पेट्रोल-डीजल बचाएं, कारपूलिंग करें- अनावश्यक वाहन उपयोग कम करें, मेट्रो में सफर और कारपूलिंग करें। ज्यादा से ज्यादा लोगों को उसमें बिठाकर ले जाएं।
- खाद्य तेल की खपत कम करने पर जोर- हर परिवार अगर खाने के तेल का इस्तेमाल थोड़ा कम करे, तो इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और लोगों की सेहत भी बेहतर रहेगी।
- रासायनिक खाद की जगह प्राकृतिक खेती अपनाएं- देश को रासायनिक उर्वरकों की खपत आधी करने का लक्ष्य रखना चाहिए और तेजी से प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए।
- विदेश यात्राएं टालने की अपील- वैश्विक हालात और महंगे ईंधन के कारण भारत पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में शादियों, छुट्टियों और अन्य कारणों से विदेश यात्रा कुछ समय के लिए टालना देशहित में होगा।
