- Hindi News
- National
- Parliament Monsoon Session Bill: PM, CMs Face Disqualification Over 30 Day Custody
नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले
- कॉपी लिंक

20 अगस्त 2025 को गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बिल पेश किया था। इसके बाद विपक्षी सांसद वेल में आकर हंगामा करने लगे थे।
अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री या राज्य मंत्री किसी गंभीर अपराध के मामले में गिरफ्तार होने के बाद लगातार 30 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उसे अपने आप पद छोड़ना पड़ सकता है।
इस प्रावधान वाले 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को मंजूरी दे सकती है। इसके बाद सरकार मानसून सत्र में दोनों सदनों में पास करा सकती है।
हालांकि, रिपोर्ट में ऐसे सुरक्षा उपाय जोड़े जा सकते हैं, ताकि राजनीतिक बदले की भावना से झूठे मामलों में गिरफ्तारी कर किसी सरकार को अस्थिर करने के लिए इस कानून का दुरुपयोग न हो।
गृहमंत्री अमित शाह ने इससे जुड़े 3 बिलों को पिछले मानसून सत्र में संसद के दोनों सदनों में रखा था। जिसके बाद इसे इन्हें JPC को भेजने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया था।
यह नियम उन गंभीर मामलों में लागू होगा, जिनमें 5 साल या उससे ज्यादा सजा का प्रावधान है। ऐसे मामले में अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री 30 दिन तक लगातार न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उसे पद छोड़ना होगा।
