नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET)- 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार विकास बिंवाल को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
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कॉलेज टेस्ट में कई बार वह एब्सेंट रहा और जिन टेस्ट में उसकी मौजूदगी रही, उसमें भी वह सिर्फ 30 फीसदी अंक ही ला सका। इसके कारण वह अधिकांश टेस्ट में फेल था। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि विकास पढ़ाई में कमजोर छात्र था।
वह 12वीं में सेकेंड डिवीजन से पास हुआ था, लेकिन 2025 के NEET में उसका सिलेक्शन 85.11% पर्सेंटेज के साथ हुआ। इसके कारण सीबीआई ने 2025 में हुए NEET पेपर को भी जांच के दायरे में लिया है।
दैनिक भास्कर की टीम सवाई माधोपुर के मेडिकल कॉलेज पहुंची और NEET-2026 पेपर लीक के बाद घेरे में आए आरोपी मांगीलाल बिंवाल के बेटे विकास बिंवाल के रिकॉर्ड को खंगाला।
पढ़िए यह रिपोर्ट…

तस्वीर सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज की है, जहां विकास बिंवाल MBBS फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है।
क्लास और प्रैक्टिकल से दूर भागता था NEET-2026 का पेपर लीक के तार सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज से जुड़े हुए हैं। पेपर लीक सरगना मांगीलाल बिंवाल के बेटे विकास बिंवाल से सीबीआई पूछताछ कर रही है।
सवाई माधोपुर के मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीपी मीणा ने बताया- विकास बिंवाल कॉलेज में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है। इस साल जनवरी से लेकर अब तक विकास की अटेंडेंस नहीं के बराबर रही है।
वह फरवरी में केवल आठ दिन उपस्थित रहा। उसने 19 थ्योरी की क्लासेज में से केवल 6 क्लास अटेंड की, जबकि प्रैक्टिकल की 9 क्लासेज में से 2 क्लासेज ही अटेंड की। मार्च में 22 थ्योरी की क्लासेज में से केवल 4 क्लास अटेंड की।
प्रैक्टिकल की 7 क्लासेज में से एक क्लास ही अटेंड की थी। विकास ने अप्रैल में 17 थ्योरी की क्लासेज में से केवल 5 क्लास अटेंड की, जबकि अप्रैल में प्रैक्टिकल की एक भी क्लास अटेंड नहीं की।
NEET होने के बाद वह लगातार कॉलेज में उपस्थित रहा। 11 मई से बिना सूचना के अनुपस्थित है।

कॉलेज के टेस्ट में आए सिर्फ 30 प्रतिशत अंक विकास के कॉलेज रिकॉर्ड के अनुसार- कॉलेज का जो भी टेस्ट विकास ने दिया, उसमें उसके सिर्फ 30 फीसदी ही अंक आए। इतने कम मार्क्स के स्टूडेंट को टेस्ट में फेल मानते हैं। हकीकत में वह मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई में औसत से भी कम नंबर लाने वाला स्टूडेंट रहा है।
जांच में सामने आया कि विकास के 10वीं में 63 प्रतिशत और 12वीं में 55 प्रतिशत अंक थे। नीट-2024 में उसे 720 में से केवल 270 नंबर मिले थे। सीकर की कोचिंग में दिए गए 46 टेस्ट में उसका औसत नंबर 384 रहा।
इसके बाद भी नीट-2025 में उसने 85.11 फीसदी अंक हासिल कर सवाई माधोपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पा लिया।

साथी बोले- विकास को सच्चाई सामने आने का डर था विकास के साथ क्लास में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का कहना है- विकास कॉलेज में एडमिशन के बाद से ही गुमसुम रहने लगा। शायद विकास को सच्चाई सामने आने का डर था, इसलिए वो रिजर्व नेचर का हो गया था। इसके कारण वह कॉलेज से अधिकांश समय गायब रहता था।
वह क्लास और हॉस्टल में भी दूसरों से ज्यादा बात नहीं करता था। इसके कारण लोग रिजर्व मानने भी लगे थे। कुछ स्टूडेंट्स का यह भी कहना है कि ग्रुप डिस्कशन में आमतौर पर लॉजिक्स पर बात होती थी, वो विकास के क्लियर नहीं थे। इस कारण भी वह दूसरों से बात करने से दूरी बनाने लगा था।
हालांकि अब पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है और कॉलेज से भी विकास के पूरे एजुकेशनल रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। शुरुआती जांच में NEET-2025 की परीक्षा में भी धांधली होने की आशंका है। इसके कारण सीबीआई ने इस परीक्षा से जुड़े पूरे डेटा की पड़ताल शुरू कर दी है।

आरोप है कि NEET-2026 का लीक पेपर राजस्थान में मास्टरमाइंड भाइयों मांगीलाल और दिनेश ने ही बांटा था। इनमें मांगीलाल के बेटा विकास को भी गिरफ्तार किया गया है।
एक ही परिवार के 5 सदस्यों का मेडिकल कॉलेज में सिलेक्शन
CBI जांच में सामने आया है कि मांगीलाल बिंवाल, उसके भाई दिनेश बिंवाल और दिवंगत बड़े भाई घनश्याम के परिवार के सात सदस्य पिछले दो वर्षों में NEET में शामिल हुए थे। इनमें से पांच सदस्यों का मेडिकल कॉलेजों में सिलेक्शन हुआ।
मांगीलाल के बेटे विकास बिंवाल को सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज मिला, बेटी प्रगति का चयन दौसा मेडिकल कॉलेज में हुआ।
दिनेश बिंवाल की बेटी गुंजन को वाराणसी मेडिकल कॉलेज अलॉट हुआ। घनश्याम की बेटी पलक को SMS मेडिकल कॉलेज जयपुर और दूसरी बेटी सानिया को मुंबई के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिला।

दिनेश बिंवाल और मांगीलाल बिंवाल को जयपुर के जमवारामगढ़ स्थित उनके फार्म हाउस से 9 मई को पकड़ा गया था।
परिवार के अन्य सदस्यों का रिकॉर्ड भी जांच के घेरे में
प्रगति बिंवाल के 10वीं में 69 प्रतिशत और 12वीं में 91 प्रतिशत अंक थे। NEET-2024 में उसे 332 अंक मिले थे, जबकि कोचिंग टेस्ट में उसका औसत करीब 302 अंक रहा। इसके बाद उसने NEET-2025 में 89.08 प्रतिशत अंक हासिल कर दौसा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश ले लिया।
गुंजन के 10वीं में 86 प्रतिशत और 12वीं में 70 प्रतिशत अंक थे। NEET-2024 में उसे 355 अंक मिले थे और कोचिंग टेस्ट में उसका औसत 320 से 342 अंक के बीच रहा। NEET-2025 में 92.53 प्रतिशत स्कोर कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में जगह बना ली।
सानिया के 10वीं में 63 प्रतिशत और 12वीं में 89 प्रतिशत अंक थे। NEET-2024 में उसे 360 अंक मिले थे और कोचिंग टेस्ट में उसका औसत 341 से 361 अंक के बीच रहा। बाद में उसने NEET-2025 में 94.07 प्रतिशत स्कोर कर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश प्राप्त किया।
पलक के 10वीं में 93 प्रतिशत और 12वीं में 89 प्रतिशत अंक थे। NEET-2024 में उसे 512 अंक मिले थे और कोचिंग टेस्ट में उसका औसत 515 से 550 अंक के बीच रहा। बाद में उसने NEET-2025 में 98.61 परसेंटाइल हासिल कर जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया।


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NEET-2026 का लीक पेपर राजस्थान में मास्टरमाइंड भाइयों मांगीलाल और दिनेश ने ही बांटा था। आरोपियों ने एग्जाम से 7 दिन पहले 26 अप्रैल को गुरुग्राम से 30 लाख रुपए एडवांस देकर पेपर खरीदा था। SOG राजस्थान से जुड़े सूत्रों ने बताया कि राज्य में करीब 1 हजार से अधिक कैंडिडेट तक ये पेपर पहुंच गया था। अब एसोजी आरोपी भाइयों के बैकग्राउंड की जांच कर रही है। पूरी खबर पढ़िए