Mission 2047 Terror Plan Revealed by ATS

फराज शेख। भोपाल19 मिनट पहले

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भोपाल में ATS की जांच में पकड़े गए कथित आतंकी मॉड्यूल को लेकर पूछताछ में कई अहम खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस रिमांड में इजहार उल हक ने एजेंसी को बताया कि वह और पाकिस्तानी टेरर ग्रुप से जुड़े अन्य लोग ‘मिशन 2047’ के लिए काम कर रहे थे। इसका मकसद भारत में तख्ता पलट कर पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के एजेंडे को साल 2047 तक देश में लागू करना है।

पूछताछ में इजहार ने बताया कि देशभर में तैयार हो रहे उनके कथित मुजाहिद्दीन समय आने पर एक साथ बाहर आएंगे और शासन को उखाड़ फेंकेंगे। यह भरोसा उन्हें पाकिस्तानी हैंडलर्स ने दिलाया था। उन्हें शपथ दिलाई गई थी कि समय आने पर उन्हें टारगेट किलिंग और देश में डर का माहौल पैदा करने जैसे काम करने होंगे।

रिमांड खत्म होने के बाद सोमवार को इजहार को एटीएस ने कोर्ट में पेश किया। इससे पहले उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। सूत्रों की मानें तो एटीएस ने इजहार के रिमांड को बढ़ाने की मांग नहीं की है।

मधुबनी में आरोपी इजहार को ले जाती हुई पुलिस।

मधुबनी में आरोपी इजहार को ले जाती हुई पुलिस।

सदस्यों के काम करने के तरीके पर पूछताछ जारी

बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार इजहार उल हक से पूछताछ में कथित नेटवर्क की भूमिका और उसके सदस्यों के काम करने के तरीके को लेकर जानकारी मिली है।

एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े थे और किस स्तर तक इसकी गतिविधियां फैली हुई थीं। तमाम जानकारियां हासिल करने के लिए एटीएस ने इजहार को 22 जून तक रिमांड पर लिया हुआ है।

पाकिस्तानी हैंडलर्स ने कहा- जिहादी बनो, शहादत मिलेगी

फराज से पूछताछ में सामने आए इनपुट के मुताबिक सभी संदिग्ध कथित तौर पर पाकिस्तानी वॉट्सएप ग्रुप के संपर्क में थे। जांच के अनुसार, फराज पाकिस्तानी हैंडलर्स के कहने पर अन्य युवकों को जोड़ने का काम शुरू कर चुका था। इसका मकसद युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करना था। एटीएस की पूछताछ में फराज ने इसकी पुष्टि की है।

फराज को कोर्ट में पेश करती एटीएस।

फराज को कोर्ट में पेश करती एटीएस।

नईम के संपर्क में रहा था फराज

पूछताछ में फराज ने बताया कि वह पिछले 5-6 सालों से देवबंद निवासी नईम अब्दुल्ला के संपर्क में था। नईम ने ही फराज और बिहार निवासी संदिग्ध आतंकी का परिचय कथित पाकिस्तानी हैंडलर्स से कराया था।

हैंडलर्स ने फराज को कथित तौर पर जिहाद के नाम पर प्रभावित किया और वीडियो कॉल के जरिए शपथ दिलाई कि वह सच्चा जिहादी बनेगा। हैंडलर्स द्वारा दिए गए कामों को अंजाम तक पहुंचाएगा और जिहाद के रास्ते पर चलते हुए अपनी जान देने से भी पीछे नहीं हटेगा।

भारत के कई राज्यों सहित पाकिस्तान के लोगों से संपर्क

चारों संदिग्धों ने पूछताछ में टेलीग्राम और वॉट्सएप ग्रुप के जरिए भारत और पाकिस्तान में नेटवर्क से जुड़े सक्रिय लोगों के संपर्क में रहने की बात स्वीकार की है।

फराज को सोशल मीडिया ग्रुप में ‘खालिद सैफुल्ला’ के नाम से जाना जाता था। हैंडलर्स ने कथित तौर पर लोगों में भय पैदा करने और समय आने पर बताए गए टारगेट पर कार्रवाई करने का टास्क दिया था।

फराज को दिए थे पासपोर्ट बनवाने के निर्देश

हैंडलर्स ने फराज को पासपोर्ट बनवाने के निर्देश भी दिए थे। उसे भरोसा दिलाया गया था कि किसी अन्य देश के रास्ते पाकिस्तान बुलाया जाएगा, जहां उसे मुजाहिदीन बनने की ट्रेनिंग दी जाएगी। एटीएस की दबिश के दौरान फराज के कमरे से मिली जिहादी सामग्री की जांच की जा रही है।

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