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उन्नाव। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) नियमों को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार दोपहर को व्यापारियों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाई। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने एमडीआर शुल्क की सीमा बढ़ाने समेत चार प्रमुख मांगें रखीं। व्यापारियों का कहना है कि एमडीआर लागू होने से छोटे और मध्यम कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इससे वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ने के साथ ही डिजिटल भुगतान के बजाय नकद लेनदेन का चलन दोबारा बढ़ सकता है। व्यापारियों के मुताबिक 2 से 3 प्रतिशत मुनाफे पर कारोबार करने वाले दुकानदारों के लिए अतिरिक्त शुल्क वहन करना मुश्किल होगा। खासकर 10 हजार रुपये से अधिक की बिक्री करने वाले व्यापारियों के मुनाफे पर इसका सीधा असर पड़ने की बात कही गई है। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलता रहेगा व्यापार मंडल ने मांग की कि एमडीआर से संबंधित 2 हजार रुपये की सीमा को बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया जाए, ताकि छोटे कारोबारियों को अतिरिक्त शुल्क से राहत मिल सके। इसके अलावा प्रतिमाह एक लाख रुपये तक की छूट की सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि इससे मध्यम वर्ग के व्यापारियों को भी राहत मिलेगी और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलता रहेगा। व्यापारियों ने यूपीआई के माध्यम से डिजिटल मर्चेंट ट्रांजेक्शन करने वाले कारोबारियों को जीएसटी या आयकर फाइलिंग में 0.4 प्रतिशत की विशेष छूट देने की मांग भी की है। उनका कहना है कि इससे एमडीआर के रूप में लगने वाले शुल्क की भरपाई हो सकेगी और व्यापारी डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहित होंगे। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि बैंक 0.4 प्रतिशत के अतिरिक्त किसी प्रकार का हिडन चार्ज, मेंटीनेंस चार्ज या सेटलमेंट शुल्क व्यापारियों के चालू खाते से न काटें। व्यापार मंडल ने वित्त मंत्री से व्यापारियों की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। इस दौरान जिला महामंत्री शैलेन्द्र गुप्ता, नगर महामंत्री मनोज गुप्ता, जिला अध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव और नगर अध्यक्ष संजय शुक्ला समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
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MDR चार्ज के खिलाफ व्यापारियों ने उठाई आवाज:10 हजार तक UPI लेनदेन पर शुल्क से छूट की मांग, वित्त मंत्री को सौंपा ज्ञापन