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नई दिल्ली2 मिनट पहले
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मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 4.48 लाख करोड़ रुपए घट गई। इस दौरान SBI की वैल्यू सबसे ज्यादा घटी। SBI का मार्केट कैप 89,306 करोड़ रुपए घटकर ₹9.66 लाख करोड़ पर आ गया।
HDFC बैंक का मार्केट कैप 61,715 करोड़ रुपए घटकर ₹12.57 लाख करोड़ पर आ गया। वहीं बजाज फाइनेंस की मार्केट वैल्यू ₹59,082 करोड़ घटकर ₹5.32 लाख करोड़ पर आ गई।
इनके अलावा बीते हफ्ते TCS, ICICI बैंक, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, LIC, इंफोसिस और HUL का मर्केट कैप भी घटा है।
देश की टॉप-10 कंपनियों की वैल्यू ₹4.48 लाख करोड़ घटी
| कंपनी | हफ्ते भर में चेंज (₹ करोड़ में) | मौजूदा मार्केट कैप (₹ लाख करोड़ में) |
| SBI | ₹89,306 | ₹9.66 |
| HDFC बैंक | ₹61,715 | ₹12.57 |
| बजाज फाइनेंस | ₹59,082 | ₹5.32 |
| TCS | ₹53,312 | ₹8.72 |
| ICICI बैंक | ₹42,205 | ₹8.97 |
| भारती एयरटेल | ₹38,688 | ₹10.28 |
| रिलायंस इंडस्ट्रीज | ₹33,289 | ₹18.68 |
| LIC | ₹31,245 | ₹4.88 |
| इंफोसिस | ₹24,230 | ₹5.06 |
| HUL | ₹15,401 | ₹5.07 |
सोर्स: BSE (09 मार्च – 13 मार्च, 2026)
बीते हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी 5.5% तक गिरा था
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच पिछले हफ्ते सेंसेक्स 4,354.98 (5.51%) और निफ्टी 1,299.35 (5.31) अंक गिरा था। वहीं शुक्रवार 13 मार्च को लगातार तीसरे दिन गिरावट रही थी।
सेंसेक्स 1470 अंक (1.93%) की गिरावट के साथ 74,564 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 488 अंक (2.06%) की गिरावट रही, ये 23,151 पर आ गया।
मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है?
मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है।
इसे एक उदाहरण से समझें…
मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी।
कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं…
| बढ़ने का क्या मतलब | घटने का क्या मतलब |
| शेयर की कीमत में बढ़ोतरी | शेयर प्राइस में गिरावट |
| मजबूत वित्तीय प्रदर्शन | खराब नतीजे |
| पॉजिटीव न्यूज या इवेंट | नेगेटिव न्यूज या इवेंट |
| पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट | इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट |
| हाई प्राइस पर शेयर जारी करना | शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग |
मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है।
निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं।
उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ से बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन अगर मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।
