सुशील सिंह | मऊ7 मिनट पहले
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मऊ जिले में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) गुरुवार को ज 25 केंद्रों पर आयोजित की गई। परीक्षा के पहले दिन उच्च प्राथमिक स्तर के 20,026 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जबकि 2,102 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
परीक्षा में अभ्यर्थियों को पर्यावरण और बाल विकास के प्रश्नों ने उलझाया। इसके अलावा, भौतिक विज्ञान और गणित के सवालों ने भी परीक्षार्थियों को काफी परेशान किया। दोनों प्रश्नपत्रों में डेढ़-डेढ़ सौ प्रश्न पूछे गए थे। कुल 22,128 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 9.49 प्रतिशत अनुपस्थित रहे।

परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सभी सेंटरों के बाहर पुलिस बल तैनात था। उड़न दस्ते की गाड़ियां लगातार केंद्रों का दौरा करती रहीं। निगरानी के लिए स्टैटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए थे। अभ्यर्थियों को मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं थी, जिन्हें गेट पर ही जमा करा लिया गया। कड़ी तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया गया।
परीक्षा दो पालियों में संपन्न हुई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक चली। प्रथम पाली में कुल 11,064 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 9,963 उपस्थित रहे और 1,101 अनुपस्थित थे। द्वितीय पाली में भी 11,064 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 10,063 उपस्थित हुए और 1,001 अनुपस्थित रहे।

परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र अच्छा था, लेकिन बाल विकास के प्रश्न काफी उलझाने वाले थे। नगर के डीसीएसके पीजी कॉलेज से निकले परीक्षार्थियों ने विशेष रूप से गणित और भौतिक विज्ञान के सवालों को कठिन बताया, जिसके कारण उन्हें अन्य प्रश्नों पर कम समय मिल पाया।
परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने इन केंद्रों पर धारा 163 लागू कर रखा था। साथ ही चेतावनी दी थी कि जो इस आदेश का उल्लंघन करने पर उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुबह छात्राओं को लेकर अभिभावक जिला मुख्यालय पर पहुंचे थे, जहां पर वह केन्द्र के बारे में जानकारी के लिए दौड़ लगाते रहे।
