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लखनऊ में पुलिस अभिरक्षा में इलाज करा रहा दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी शुक्रवार को केजीएमयू से फरार हो गया। बंदी की निगरानी में तैनात पुलिसकर्मियों को उसके भागने की भनक तक नहीं लगी। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जेल प्रशासन की तहरीर पर दोनों सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सरोजनीनगर क्षेत्र के एक दुष्कर्म और धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार ओडिशा के बालासोर निवासी हैदर अली जिला कारागार में निरुद्ध था। तबीयत बिगड़ने पर उसे 31 मई को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर 4 जून को पहले बलरामपुर अस्पताल और बाद में केजीएमयू रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा था। बंदी की निगरानी की जिम्मेदारी हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार और धर्मेंद्र सिंह को सौंपी गई थी। शुक्रवार सुबह चेकिंग के दौरान बंदीरक्षक को पता चला कि हैदर अस्पताल से गायब है। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी की तहरीर पर चौक कोतवाली में दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने फरार बंदी की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अभिरक्षा से बंदी के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के साथ-साथ जिम्मेदार कर्मियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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KGMU से फरार हुआ दुष्कर्म का आरोपी बंदी, फरार:पुलिस अभिरक्षा पर उठे सवाल; चौके थाने में मुकदमा दर्ज