प्रयागराज/कौशांबी4 मिनट पहले
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कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मुख्य आरोपी नौशाद को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। 1 सितंबर की भोर में चरवा थाना क्षेत्र के तेरहमीम सैय्यद सरावां के पास पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में नौशाद के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए हैं।
यह मामला 31 अगस्त की दोपहर करीब 12 बजे पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में हुई पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट से जुड़ा है। धमाका इतना तेज था कि करीब 2 किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी थी। विस्फोट के बाद फैक्ट्री में आग लग गई और लगातार पटाखे फटने से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।
हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच घायल अस्पताल में भर्ती हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल की गाड़ियों ने आग बुझाने के साथ राहत और बचाव अभियान चलाया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच के लिए चार टीमें गठित की थीं।
पुलिस के अनुसार, अवैध पटाखा फैक्ट्री में नियमों की अनदेखी कर पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। विस्फोट के बाद मामले में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस मुख्य आरोपी नौशाद समेत अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। इसी दौरान नौशाद के ठिकाने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने उसे घेर लिया।

आज तड़के पुलिस ने नौशाद को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया।
भागने की कोशिश में पुलिस से मुठभेड़, पैर में लगी गोली
सीओ चायल शिवांक सिंह के अनुसार, नौशाद पुत्र निजामुद्दीन 1 सितंबर की भोर में तेरहमीम सैय्यद सरावां के पास से भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया और उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किया है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान भी चलाया। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नौशाद घटना के बाद कहां-कहां छिपा था और किन लोगों ने उसे भागने में मदद की।
31 अगस्त को धमाके से दहला था मनौरी बाजार
31 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे मनौरी बाजार स्थित एक मकान में संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लग गई थी। देखते ही देखते पटाखों में विस्फोट शुरू हो गया। धमाके इतने तेज थे कि आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। घटनास्थल से धुएं का गुबार उठता रहा और काफी देर तक रुक-रुककर पटाखे फटते रहे।
घटना के समय फैक्ट्री के अंदर कई लोगों के मौजूद होने की आशंका जताई गई थी। सूचना मिलते ही पिपरी और आसपास के थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। दमकल की टीमों ने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। आग बुझने और मलबा हटाने के बाद अंदर फंसे लोगों की तलाश की गई।

नौशाद समेत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
11 लोगों की मौत, 5 का अस्पताल में इलाज
विस्फोट में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। पांच अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे में फैक्ट्री और आसपास के हिस्से को भी भारी नुकसान पहुंचा था। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और मृतकों तथा घायलों की जानकारी एकत्र की।
प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य के साथ घायलों के उपचार की व्यवस्था कराई गई। पुलिस अब हादसे की वजह, फैक्ट्री में रखे पटाखों की मात्रा और वहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
नौशाद समेत छह के खिलाफ मुकदमा
पिपरी थाने में मामले में छह आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें नौशाद पुत्र निजामुद्दीन, शकील पुत्र निजामुद्दीन, शबाना पत्नी शकील, कहकसा बानो पत्नी नौशाद, आदिल पुत्र नौशाद और साइना पुत्री शकील निवासी महमूदपुर मनौरी शामिल हैं।
घटना के बाद पुलिस ने शबाना पत्नी शकील को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी। पुलिस अब गिरफ्तार नौशाद से पूछताछ कर फैक्ट्री के संचालन, पटाखों की खरीद-फरोख्त और अन्य आरोपियों की भूमिका के बारे में जानकारी जुटाएगी।
लापरवाही पर थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के मामले में पिपरी थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। एसपी ने मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया था।
पुलिस अब नौशाद की गिरफ्तारी के बाद मामले में जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश तेज करेगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मनौरी में अवैध पटाखा फैक्ट्री कितने समय से संचालित थी और इसकी जानकारी स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों को थी या नहीं।
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यूपी में सोमवार को प्रयागराज और कौशांबी बॉर्डर पर एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हो गया। इस हादसे में फैक्ट्री के आसपास के घरों में रहने वाले 8 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। रेलवे कर्मी का पूरा परिवार खत्म हो गया है। घर सिर्फ एक बेटी जिंदा बची। पुलिस के मुताबिक, विस्फोट इतना भीषण था कि पूरी फैक्ट्री जमींदोज हो गई। 100 मीटर के दायरे में बने 8 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। दीवारों में 8 फीट लंबे और चौड़े छेद हो गए। 5-6 मकान पूरी तरह ढह गए। पूरी खबर पढ़िए…
