IT सिटी-वेलनेस सिटी क्षेत्र में जमीनों की खरीद-बिक्री पर रोक:आज से रजिस्ट्री अवैध; CM की मंजूरी के बाद आदेश जारी


सुल्तानपुर रोड पर विकसित की जा रही एलडीए की महत्वाकांक्षी आईटी सिटी और वेलनेस सिटी आवासीय योजनाओं में शामिल जमीनों की खरीद-बिक्री पर रोक लागू हो गई है। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद शासन ने अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही शनिवार से योजना क्षेत्र की जमीनों की रजिस्ट्री और खरीद-बिक्री अवैध मानी जाएगी। एलडीए किसान पथ के किनारे करीब 1054 हेक्टेयर क्षेत्र में आईटी सिटी तथा लगभग 1198 एकड़ क्षेत्र में वेलनेस सिटी योजना विकसित कर रहा है। दोनों योजनाएं लैंड पूलिंग मॉडल पर आधारित हैं। इसके तहत किसानों से भूमि लेकर बदले में विकसित भूखंड दिए जा रहे हैं। सामान्य तौर पर जमीन देने वाले किसानों को 25 प्रतिशत विकसित भूमि वापस दी जा रही है, जबकि 10 एकड़ से अधिक भूमि देने वालों को 50 प्रतिशत तक विकसित भूमि का लाभ मिलेगा। सिर्फ मूल भू-स्वामी ही कर सकेंगे लैंड पूलिंग एलडीए अधिकारियों के अनुसार खरीद-बिक्री पर रोक लगने के बावजूद लैंड पूलिंग की प्रक्रिया जारी रहेगी। हालांकि अब केवल वही व्यक्ति योजना में भाग ले सकेगा, जिसके नाम जमीन दर्ज है। नई खरीद के जरिए कोई व्यक्ति भूमि लेकर लैंड पूलिंग का लाभ नहीं उठा सकेगा क्योंकि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद कर दी गई है। एलडीए ने योजना क्षेत्र के सभी गाटा नंबरों का विवरण निबंधन विभाग को उपलब्ध करा दिया है। इसके बाद इन जमीनों की रजिस्ट्री एलडीए के अलावा किसी अन्य व्यक्ति या संस्था के पक्ष में नहीं की जा सकेगी। आईटी सिटी योजना में शामिल गांव बक्कास, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, मोहारी कला, खुजौली, भटवारा, सोनई, कंजेहरा और पहाड़नगर टिकरिया गांव आईटी सिटी योजना के दायरे में हैं। वेलनेस सिटी योजना के गांव वेलनेस सिटी योजना में बक्कास, मलूकपुर ढकवा, चौरहिया, चौरासी, दुलारमऊ, नूरपुर बेहटा और मस्तेमऊ गांव शामिल हैं। क्यों अहम है फैसला? रजिस्ट्री पर रोक लगने से योजना क्षेत्र में जमीनों की खरीद-फरोख्त और सट्टेबाजी पर अंकुश लगेगा। साथ ही लैंड पूलिंग के नाम पर बाहरी निवेशकों द्वारा जमीन खरीदकर लाभ लेने की संभावनाएं भी समाप्त हो जाएंगी। अब केवल वास्तविक भू-स्वामियों को ही योजना का लाभ मिल सकेगा।

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