![]()
लखनऊ में इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की अपील। जनगणना में बढ़चढ़कर हिस्सा ले। लोगों की सुविधा के लिए इस्लामिक सेंटर में जनगणना हेल्प डेस्क बनाई गई है , यहां सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की पूरी सुव
.
‘भाषा में उर्दू लिखें’
मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि देशव्यापी चल रही जनगणना में गंभीरता के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लें । जनगणना फॉर्म में अपनी मातृभाषा के कॉलम में पूरी जिम्मेदारी, जागरूकता और समझदारी के साथ ‘उर्दू’ और रिलिजन के कॉलम में ‘इस्लाम’ लिखें। फॉर्म वेबसाइट पर अपलोड होने के बाद उसे अवश्य जांच लें ताकि आपकी जानकारी का सही पंजीकरण हो सके।
‘अधिकारों को मिलेगी मजबूती’
मौलाना ने कहा कि जनगणना केवल आबादी की गिनती नहीं है, बल्कि यह समुदायों की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। किसी भी भाषा को बोलने वालों की सही संख्या ही उसके शैक्षिक, सांस्कृतिक और संवैधानिक अधिकारों की मजबूती की आधारशिला बनती है। उर्दू बोलने वाले अपनी मातृभाषा के पंजीकरण में लापरवाही न करें। इस जनगणना का प्रभाव शैक्षिक अधिकारों, सरकारी प्रतिनिधित्व और भाषाई पहचान पर पड़ सकता है।
फार्म भरने का तरीका
मौलाना ने कहा कि जनगणना 7 मई से शुरू हो गया है। इसके तहत परिवार के मुखिया को se.census.gov-in पोर्टल पर ऑनलाइन अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी दर्ज करनी होगी। स्वयं जानकारी भरने (Self & Enumeration) की यह प्रक्रिया 21 मई 2026 तक जारी रहेगी। जनगणना के फॉर्म में कुल 34 प्रश्न होंगे, जिनके सही उत्तर देना अनिवार्य है। ये प्रश्न निवास और परिवार से संबंधित हैं। इस सिलिसिले में कोई भी गलत जानकारी न दें। फॉर्म भरते समय कोई भी दस्तावेज (Document) अपलोड करने की जरूरत नहीं है।
जारी किया गया हेल्पलाइन नम्बर
जैसे ही आप पोर्टल खोलेंगे, आपके मोबाइल नंबर पर 11 अंकों की एक आईडी (ID) आएगी। इसके बाद आप अपनी जानकारी भर सकेंगे । 21 मई के बाद जब जनगणना विभाग के कर्मचारी घर आएंगे, तो उन्हें यह आईडी दिखानी होगी। वे इसकी जांच करके इसे स्वीकार करेंगे। लोगों की सहायता के लिए जनगणना हेल्प डेस्क के साथ सहायता के हेल्प नम्बर भी जारी किया गया है। 7905381076, 73355097779, 9580112032 इन नंबरों पर संपर्क कर जानकारी हासिल कर सकते।