लखनऊ4 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

लखनऊ के आईएमआरटी बिजनेस स्कूल में शनिवार को नए यूजी और पीजी विद्यार्थियों के लिए ग्रैंड ओरिएंटेशन प्रोग्राम-2026 रखा गया। आईएमआरटी डिवाइन ब्लिस परिसर में हुए इस कार्यक्रम में छात्रों को संस्थान की पढ़ाई, संस्कृति और दूसरी गतिविधियों के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर और गणेश वंदना से हुई। इसके बाद संस्थान की पढ़ाई से जुड़ी गतिविधियों और उपलब्धियों पर एक फिल्म दिखाई गई। आईएमआरटी के चेयरमैन और रिटायर्ड आईएफएस देश राज बंसल ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए अनुशासन, लीडरशिप क्वालिटी, सकारात्मक सोच और लगातार सीखते रहना बहुत जरूरी है।

सेल्फ-डिसिप्लिन के साथ मेहनत करना होगा
बंसल ने बताया कि सिर्फ कड़ी मेहनत से सफलता नहीं मिलती। इसके लिए खुद पर कंट्रोल सेल्फ-डिसिप्लिन और लगातार काम करते रहना भी जरूरी है। उन्होंने उदाहरण दिया कि एक दिन जिम जाने से शरीर नहीं बनता और न ही एक रात पढ़ने से अच्छे नंबर आते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमता के हिसाब से और सेल्फ-डिसिप्लिन के साथ मेहनत करने को कहा।
शिक्षक दिवस पर उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों के सम्मान का दिन है। उन्होंने बताया कि आईएफएस बनने से पहले वे स्कूल टीचर थे और फिजिक्स पढ़ाते थे। गांव में पांचवीं कक्षा के दौरान पढ़ाने वाले शिक्षकों ने उनके जीवन को सही रास्ता दिखाया।
सकारात्मक सोच को मजबूत करना चाहिए
मुख्य अतिथि रिटायर्ड आईएएस अराधना शुक्ला ने कहा कि छात्र जीवन व्यक्तित्व और भविष्य बनाने का अहम समय होता है। इस दौरान ज्ञान और हुनर बढ़ाने के साथ-साथ सकारात्मक सोच को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को मेहनत, ईमानदारी और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ने के लिए मोटिवेट किया।
रिटायर्ड आईएएस प्रदीप कुमार शुक्ला ने अनुशासन और लगातार कोशिश को सफलता की चाबी बताया। वहीं, मिलिंद राज ने टेक्नोलॉजी, नए आइडिया और बिजनेस से जुड़ी सोच कों अपनाने का मैसेज दिया । उन्होंने कहा कि बदलती तकनीकी दुनिया के साथ चलने के लिए नए हुनर सीखना जरूरी है। कार्यक्रम में छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। इससे समारोह का माहौल बहुत अच्छा हो गया। पढ़ाई में अच्छे प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया गया।
