IAS आन्जनेय को फिर मिलेगा एक्सटेंशन या अबकी होगी विदाई:सिक्किम कैडर के इस अफसर ने उजाड़ी आजम की सल्तनत;7 एक्सटेंशन दे चुकी मोदी सरकार


रामपुर में सपा नेता आजम खान की ‘सल्तनत’ हिलाने वाले चर्चित IAS अधिकारी आन्जनेय सिंह का यूपी में कार्यकाल आज (14 अगस्त को) पूरा हो रहा है। ऐसे में प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या केंद्र और राज्य सरकार उन्हें एक बार फिर सेवा विस्तार देगी, या फिर इस बार उनकी अपने मूल कैडर सिक्किम में वापसी हो जाएगी। राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र की मोदी सरकार अभी तक आन्जनेय को 7 बार एक्सटेंशन दे चुकी है।
आन्जनेय सिंह की गिनती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी और भरोसेमंद अफसरों में होती है। आन्जनेय सिंह मूल रूप से यूपी के मऊ जिले के सलाहबाद गांव के रहने वाले हैं। वह 2005 बैच के सिक्किम कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। 16 फरवरी 2015 को यूपी की अखिलेश यादव सरकार उन्हें 3 वर्ष की अंतर- कैडर प्रतिनियुक्ति पर सिक्किम से यूपी लाई थी। तत्कालीन अखिलेश सरकार द्वारा उन्हें 25 जुलाई 2016 को पहली बार बुलंदशहर का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया था। प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद हुए प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें फतेहपुर का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया था। आन्जनेय की सबसे हाईप्रोफाइल और चर्चित पोस्टिंग बतौर रामपुर कलक्टर रही। योगी सरकार ने 19 फरवरी 2019 को आन्जनेय को रामपुर का डीएम बनाया था। 6 मार्च 2021 तक वह इस पद पर रहे। इसके बाद उन्हें मुरादाबाद का कमिश्नर बना दिया गया। 6 मार्च 2021 से अभी तक करीब साढ़े पांच वर्षों से आन्जनेय सिंह मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर हैं। आजम का जिला रामपुर भी इसी कमिश्नरी में आता है।
कब आए यूपी और कैसे मिला 7 बार सेवा विस्तार? (पूरा टाइमलाइन) 2005 बैच के सिक्किम कैडर के आईएएस आन्जनेय कुमार सिंह के उत्तर प्रदेश में सफर और उनके सेवा विस्तार का इतिहास बेहद दिलचस्प रहा है। यूपी में आगमन (16 फरवरी 2015): आन्जनेय सिंह पहली बार समाजवादी पार्टी के शासनकाल के दौरान 16 फरवरी 2015 को 5 साल की अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति पर उत्तर प्रदेश आए थे। नियमों के मुताबिक उनका यह कार्यकाल 15 फरवरी 2020 को समाप्त होना था। 1-पहला सेवा विस्तार (1 वर्ष):
अवधि: 15 फरवरी 2020 से 14 अगस्त 2021 तक रामपुर के जिलाधिकारी रहते हुए आजम खान पर की गई कड़ी कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष अनुरोध पर केंद्र सरकार ने उन्हें पहली बार 1 साल का सेवा विस्तार दिया था। 2. दूसरा सेवा विस्तार (1 वर्ष): अवधि: 15 अगस्त 2021 से 14 अगस्त 2022 तक इस दौरान वह प्रमोट होकर मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर (मंडलायुक्त) बन चुके थे। आजम का जिला रामपुर भी इसी मंडल में आता है। ऐसे में आजम के मामलों की क्लोज मॉनीटरिंग और कानून व्यवस्था को देखते हुए उनका कार्यकाल दोबारा एक साल बढ़ा दिया गया था। 3. तीसरा सेवा विस्तार (1 वर्ष): अवधि: 15 अगस्त 2022 से 14 अगस्त 2023 तक मुरादाबाद कमिश्नर के पद पर बने रहते हुए केंद्र सरकार ने आन्जनेय सिंह को राज्य सरकार के अनुरोध पर तीसरी बार 1 वर्ष की निरंतरता प्रदान की। 4. चौथा सेवा विस्तार (1 वर्ष): अवधि: 15 अगस्त 2023 से 14 अगस्त 2024 तक लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर योगी सरकार की विशेष सिफारिश पर केंद्र की मोदी सरकार ने चौथी बार यूपी में आन्जनेय का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया था। 5-पांचवां सेवा विस्तार (6 महीने): अवधि: 15 अगस्त 2024 से 14 फरवरी 2025 तक नियमों के तहत लंबी प्रतिनियुक्ति के बाद 2024 में उन्हें पहली बार 6 महीने का संक्षिप्त सेवा विस्तार दिया गया। यह सेवा विस्तार प्रतिनियुक्ति के पुराने सभी रिकॉर्ड को तोड़कर दिया गया था। 6. छठा सेवा विस्तार (6 महीने): अवधि: 15 फरवरी 2025 से 14 अगस्त 2025 तक पांचवें एक्सटेंशन की अवधि खत्म होने पर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के अनुरोध पर पुनः 6 माह के लिए आन्जनेय की उत्तर प्रदेश में तैनाती की अवधि बढ़ा दी थी। 7. सातवां सेवा विस्तार (1 वर्ष): अवधि: 15 अगस्त 2025 से 14 अगस्त 2026 तक केंद्र सरकार द्वारा 25 अगस्त 2025 को आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई। यूपी सरकार के विशेष आग्रह पर आईएएस आन्जनेय सिंह का कार्यकाल यूपी में फिर से एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया। बार सेवा विस्तार अपने आप में रिकॉर्ड प्रशासनिक इतिहास में किसी आईएएस अफसर को दूसरे कैडर में प्रतिनियुक्ति के दौरान 7 बार एक्सटेंशन मिलना खुद में एक रिकॉर्ड है। प्रतिनियुक्ति की अवधि सामान्य रूप से 5 वर्ष मानी जाती है। या फिर इसे एक बार विस्तारित किया जा सकता है।
आजम खान के खिलाफ कार्रवाई से आए थे चर्चा में रामपुर में तैनाती के दौरान आन्जनेय सिंह ने सपा के कद्दावर नेता आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया था। जौहर यूनिवर्सिटी जमीन विवाद से लेकर आजम खान के खिलाफ दर्जनों मुकदमों और उनकी ‘सल्तनत’ को कानून के दायरे में लाने में आन्जनेय सिंह की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी वजह से उन्हें प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में “आजम की सल्तनत उजाड़ने वाले अधिकारी” के रूप में पहचान मिली। क्या फिर मिलेगा सेवा विस्तार? आज उनका वर्तमान सेवा विस्तार समाप्त हो रहा है। ऐसे में प्रशासनिक महकमे में दो तरह की चर्चाएं चल रही हैं: आठवीं बार सेवा विस्तार की संभावना: उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और संवेदनशील जिलों में प्रशासनिक पकड़ बनाए रखने के लिए योगी सरकार आन्जनेय सिंह को यूपी में ही बनाए रखना चाहती है। इसके लिए सरकार एक बार फिर केंद्र से विशेष परिस्थिति के तहत उनके सेवा विस्तार की सिफारिश कर सकती है। सिक्किम वापसी के कयास: चूंकि उन्हें पहले ही रिकॉर्ड 7 बार सेवा विस्तार दिया जा चुका है और वह पिछले 11 वर्षों से यूपी में कार्यरत हैं, इसलिए नियमों और कैडर नियमों के तहत इस बार उनकी सिक्किम वापसी की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
केंद्र में तैनाती या कैडर मर्ज कर सकती है सरकार
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि आन्जनेय को यूपी में बनाए रखने के लिए राज्य सरकार केंद्र की मोदी सरकार से उन्हें यूपी कैडर में मर्ज करने का विशेष अनुरोध कर सकती है। इसके अलावा आन्जनेय सिंह के केंद्र में जाने की भी चर्चाएं हैं। सबकी नजरें सरकार के फैसले पर आन्जनेय कुमार सिंह का यूपी में रहना या जाना केवल एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं है, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी हैं। अब देखना यह होगा कि आज शाम तक शासन स्तर से उनके संबंध में क्या आदेश जारी होता है। क्या वह यूपी में रहकर अपनी सेवाएं जारी रखेंगे या फिर सिक्किम के लिए विदा हो जाएंगे? इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। पिछली बार तय अवधि में आदेश नहीं आने पर आन्जनेय सिंह अपना चार्ज मुरादाबाद के डीएम को सौंपकर छुट्टी पर चले गए थे। अनुमान है कि शाम तक आदेश नहीं आने पर इस बार भी वे अवकाश पर जा सकते हैं।

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