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पुलिस ने बिहार के शेखपुरा जिले से एक साइबर ठगी गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए व्हाट्सऐप अकाउंट हैक कर लोगों को अपना शिकार बनाता था। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों के खिलाफ देश के 15 राज्यों में साइबर धोखाधड़ी के 80 मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह ने अब तक लगभग 37 लाख 79 हजार 247 रुपये की ठगी की है। एएसपी आलोक कुमार ने शुक्रवार दोपहर दो बजे इस मामले का खुलासा किया। पुलिस को 22 जून को साइबर थाने में एक पीड़ित से शिकायत मिली थी। पीड़ित ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने पार्सल डिलीवरी के बहाने उसे एक विशेष कोड डायल करने के लिए कहा। कोड डायल करते ही उसके दोनों मोबाइल नंबरों पर कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय हो गई। इसके बाद साइबर अपराधियों ने उसके व्हाट्सऐप अकाउंट पर अनधिकृत नियंत्रण कर लिया और उसके रिश्तेदारों व परिचितों से ठगी कर पैसे ऐंठे। शिकायत मिलने के बाद एसपी दीपक भूकर ने साइबर थाने की तीन विशेष टीमों का गठन किया। इन टीमों ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, यूपीआई आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच की। इसी जांच के आधार पर पुलिस ने बिहार के शेखपुरा जिले से अमित कुमार (20), लाटूश कुमार उर्फ सोनू कुमार (19) और एक अन्य 21 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनका गिरोह इंटरनेट और गूगल सर्च के जरिए संभावित पीड़ितों के नाम, पते और मोबाइल नंबर जुटाता था। इसके बाद वे फर्जी सिम कार्ड का उपयोग कर पीड़ितों को कॉल करते थे और खुद को कूरियर या पार्सल सर्विस का कर्मचारी बताते थे। पार्सल डिलीवरी या पता सत्यापन के बहाने, वे पीड़ितों को कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय करने के लिए एक विशेष कोड डायल करने को कहते थे। जैसे ही पीड़ित यह कोड डायल करता था, उसके मोबाइल पर आने वाली सभी इनकमिंग कॉल अपराधियों के नंबर पर फॉरवर्ड हो जाती थीं। इसके बाद अपराधी कॉल आधारित सत्यापन का दुरुपयोग कर पीड़ित के व्हाट्सऐप अकाउंट पर कब्जा कर लेते थे। व्हाट्सऐप पर नियंत्रण मिलने के बाद वे पीड़ित के रिश्तेदारों और परिचितों को बीमारी, दुर्घटना या अस्पताल में भर्ती होने जैसी झूठी जानकारी देकर भावनात्मक रूप से भ्रमित करते थे। इसके बाद फर्जी बैंक खातों और क्यूआर कोड के जरिए रुपये मंगाए जाते थे
बिहार में 6, पश्चिम बंगाल में 6, दिल्ली में 6, मध्य प्रदेश में 3, तेलंगाना में 3, उत्तराखंड में 3, हरियाणा में 2, राजस्थान में 2, तमिलनाडु में 2, गुजरात में 2, झारखंड में 2, जम्मू-कश्मीर में 1 और आंध्र प्रदेश में 1 मुकदमा दर्ज है।आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र में 22, उत्तर प्रदेश में 6,
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