- Hindi News
- National
- Operation Sindoor: Ajit Doval On Pahalgam Attack & India Terror Response
नई दिल्ली3 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत जोखिम उठा सकता है और नतीजों की परवाह किए बिना कड़ा प्रहार कर सकता है।
डोभाल ने यह बात डिस्कवरी की आने वाली डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ में कही है। यह ऑपरेशन 88 घंटे चला था और इसका मकसद खास तौर पर पहलगाम आतंकी हमले के जिम्मेदार दुश्मन के कैंप तबाह करना था।
यह ऑपरेशन पर डोभाल का पहला इंटरव्यू है। उन्होंने कहा, “हमने ऑपरेशन का मकसद दुश्मन के कैंप तबाह करना तय किया था, खास तौर पर उन कैंपों को, जो पहलगाम हमले के जिम्मेदार थे।”
डोभाल बोले- भारत कड़ा प्रहार कर सकता है
डोभाल ने कहा, “दुनिया के लिए संदेश बहुत साफ है- भारत की उदारता या भारत के सहनशील होने को उसकी कमजोरी नहीं समझना चाहिए। भारत जोखिम उठा सकता है और नतीजों की परवाह किए बिना कड़ा प्रहार कर सकता है।”
डिस्कवरी ने एक बयान में बताया कि दो हिस्सों वाली यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े फैसलों और घटनाओं को सामने लाएगी। इसमें भारत के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व को शामिल किया गया है।
सीरीज में उन लोगों के प्रत्यक्ष अनुभव भी बताए जाएंगे, जिन्होंने भारत की प्रतिक्रिया की निगरानी की थी। डोभाल इसमें सैन्य कार्रवाई के पीछे लिए गए फैसलों और भारत के संकल्प के बारे में बताएंगे।
शनिवार रात 9 बजे होगा प्रीमियर
‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ का प्रीमियर शनिवार रात 9 बजे डिस्कवरी चैनल और स्ट्रीमिंग सर्विस discovery+ पर होगा।
7 मई को शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर
ऑपरेशन सिंदूर पिछले साल 7 मई की सुबह शुरू किया गया था। इसे 22 अप्रैल को हुए घातक पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए शुरू किया गया था।
भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने भी भारत के खिलाफ हमले शुरू किए।
भारत की ओर से इसके बाद किए गए सभी जवाबी हमले भी ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए। दोनों परमाणु हथियारों से लैस पड़ोसी देशों के बीच सैन्य संघर्ष करीब 88 घंटे चला।
10 मई की शाम दोनों देशों के बीच सहमति बनने के बाद यह संघर्ष रुक गया।
