पुलिस की तरफ से गिरफ्तार किए गए डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह।
होशियारपुर की सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह को CIA स्टाफ ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ 11 लोग और पकड़े हैं। डिप्टी सुपरिटेडेंट पर आरोप हैं कि वह कैदियों से जेल में नशा बिकवाते थे। जेल में बंद एक कैदी मनप्रीत मन्ना ने एक वीडियो जारी
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जिसमें उसने दावा किया था कि उनसे नशा बिकवाने के साथ जेल में गलत काम हो रहे हैं। चक्की में रात को लड़का-लड़की आए थे। उसने हाथ में पुड़िया दिखाकर उसमें आइस (मेथामफेटामाइन) होने का दावा किया था, जो सिंथेटिक नशा है।
इसके बाद पुलिस ने थाना होशियारपुर सिटी में 14 जून को पंजाब प्रिजन्स एंड करेक्शनल सर्विसेज एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत FIR नंबर 151 दर्ज की गई थी। जिसके बाद मन्ना के लगाए आरोपों की जांच की जा रही थी। जिसमें हरभजन सिंह का नाम निकला।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि जेल अधिकारी की गिरफ्तारी किन सबूतों या आरोपों के आधार पर की गई है। हालांकि ये पता चला है कि कैदी मन्ना की तरफ से लगाए गए आरोपों में सच्चाई पाए जाने के बाद ये कार्रवाई की गई है।

जेल से बनाई वीडियो में बोलता गैंगस्टर मनप्रीत मन्ना। मन्ना मूल रूप से बठिंडा के तलवंडी साबो का रहने वाला है।
जानिए, मन्ना ने अपने वीडियो में क्या कहा था
- मेरे हाथ में फोन, जेब में आइस, बताओ जेल में कहां से आए: मनप्रीत मन्ना ने कहा था- मैं होशियारपुर जेल में बंद हूं। ये मेरे हाथ में फोन है। 4 दिन हो गए, मुझे सोने नहीं दिया। हमसे रोज पैसों की डिमांड की जाती है। ये मेरी जेब में आइस है, बताओ, जेल में ये कहां से आ जाएगी। यही हमें बेचती है। अब हमने पैसे देने से मना कर दिया तो बाहर से पुलिसवाले बुलाकर पिटवाते हैं।
- रोज इन्हें कहां से पैसे लाकर दें: मन्ना ने कहा- मैं भगवंत मान को गुजारिश करता हूं कि हमारे लिए कोई प्रोग्राम बनाओ या हमारे गोली मार दो। हम मरने से नहीं डरते। हमारा इन जेल अफसरों से पीछा छुड़ाओ। रोज इन्हें कहां से पैसे दे दें। मेरी 5 नंबर चक्की है, जिसमें मैं बंद हूं। मैं भगवंत मान को ईमानदार आदमी समझता हूं। 11 तारीख को 6 नंबर चक्की में गलत काम करते रहे, मुझे नहीं पता कि कौन है कौन नहीं।
- जेल की चक्की में रात में लड़का-लड़की आए, गलत काम हुआ: मैंने सुपरिटेंडेंट, डिप्टी, सबको बताया कि यहां एक लड़का और लड़की थे। कल को कोई बात हो जाएगी, हमें न कहना। मेरी चक्की का गेट बंद किया है। कैमरा लगा है। मैंने खून से भी लिख दिया कि आज ये मारेंगे।
- हमें गोली मार दो, हम किसका बेटा मरवा दें: मेरी गुजारिश है कि हमारे गोली मरवा दो, हम पर अत्याचार न करो। सिर्फ बातें मत करो। कोई प्रोग्राम बनाओ। जेल में जो सुधरना चाहता है, वह भी गलत आदमियों के साथ कैसे सुधरेगा। रोज-रोज हमें रिमांड पर ले जाते हैं। पिस्टल पकड़वाओ। आदमी पकड़वाओ। कहां से पकड़वाएं। किसे पकड़वाएं। किस मां का बेटा मरवा दें।
- इतना ऊंचा बोल रहा, कोई नहीं आता, आतंकवादी बना देंगे: ये देखो मैं कितनी ऊंची आवाज में बात कर रहा। यहां 5 मुलाजिमों की ड्यूटी है, कोई आया क्या?। बातें करते हैं कि गैंगस्टरों को सुधारेंगे लेकिन आप तो हमें गैंगस्टर से आतंकवादी बनाने को फिरते हो।

होशियारपुर के एसएसपी डॉ. संदीप मलिक मामले की जानकारी देते हुए।
कैसे हुए नशा-मोबाइल सप्लाई नेटवर्क का खुलासा
- गैंगस्टर के VIDEO से हुआ खुलासा: होशियारपुर के एसएसपी डॉ. संदीप मलिक ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस ने बताया कि यह नेटवर्क मोटी रकम लेकर जेल के अंदर मोबाइल फोन और नशीले पदार्थों की आपूर्ति करता था। इस मामले की जांच तब शुरू हुई जब केंद्रीय जेल में बंद गैंगस्टर मनप्रीत सिंह ने एक वीडियो वायरल किया। मन्ना ने आरोप लगाया था कि हरभजन सिंह उससे नशे की आपूर्ति करवाता था और मना करने पर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। वीडियो जारी होने के कारण मामले को गंभीरता से लिया गया।
- मामले की जांच के लिए SIT जांच की: मामले की जांच के लिए एसपी मेजर सिंह के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया। गहन जांच में सामने आया कि जेल के अंदर नशीले पदार्थों और मोबाइल फोन की तस्करी का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। इस नेटवर्क में हरभजन सिंह, एक वार्डन, जेल के अंदर और बाहर के कुछ तस्कर शामिल थे।
- 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया: गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों में हरभजन सिंह और वार्डन रविंदर सिंह शामिल हैं। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में मनप्रीत सिंह मन्ना, गुरविंदर सिंह उर्फ बाबा, गुरविंदरजीत सिंह उर्फ हैप्पी, इंद्रजीत सिंह गिल, गुरप्रीत सिंह उर्फ मोनू, भूमि सिंह, गुरजिंदर सिंह उर्फ बूटर, हरविंदर सिंह उर्फ मनु, राकेश कुमार उर्फ केशा और बलजिंदर सिंह शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसएसपी ने कहा कि पुलिस मामले की तह तक जाएगी। किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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