शाहनवाज खान | हरदोई12 मिनट पहले
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हरदोई में युवाओं, छात्रों, सामाजिक संगठनों, बौद्ध समाज के अनुयायियों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नीट (NEET) पेपर लीक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में एक विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ था। सोमवार की शाम 6:15 बजे कार्यक्रम शुरू होकर करीब 7:30 बजे समाप्त हुआ।
यह विरोध मार्च हरदोई के डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क से शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सर्वप्रथम संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इसके बाद, जुलूस गांधी भवन पहुंचा, जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। मार्च में बौद्ध समाज के अनुयायी भी बड़ी संख्या में शामिल थे।
जुलूस ने आगे बढ़ते हुए भगवान गौतम बुद्ध चौक (सिनेमा चौराहा) स्थित बुद्ध प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। अंत में, यह कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन सोलर बोर्ड चौराहा और सिनेमा चौराहा क्षेत्र में एक सभा के साथ संपन्न हुआ।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधलियों पर अपनी बात रखी। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि नीट (NEET) सहित देश की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक को तुरंत रोका जाए।
वक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा मंत्री पद नहीं छोड़ते हैं, तो देश का युवा और आम जनता इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई के लिए तैयार है।
पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के समर्थन में भी आवाज उठाई गई, जिससे यह आंदोलन जन-अधिकारों से जुड़े मुद्दों को भी उठा रहा था।

इस विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च में समाज के विभिन्न वर्गों के साथ-साथ प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इनमें समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव एवं हरदोई नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रामज्ञान गुप्ता, डॉ. अरुण मौर्य, सपा नेता अखिलेश पाठक, संजय सिंह, शिवा पाल, अवनीश व बौद्ध समाज के प्रतिनिधि और भारी संख्या में छात्र, युवा एवं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता शामिल थे।
