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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स ने शानदार प्रदर्शन किया है।
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विभाग के छात्रों का सिलेक्शन व्हर्लपूल (Whirlpool), रोंच पॉलिमर (Ronch Polymers) और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) जैसी बड़ी कंपनियों में हुआ है। जो सेमीकंडक्टर, वीएलएसआई, एम्बेडेड सिस्टम, टेलीकॉम और आईटी जैसे नए तकनीकी क्षेत्रों में अपना हुनर दिखा रहे हैं।
गेट-2026 में अभय ने AIR 429 के साथ बाजी मारी इसके साथ ही गेट (GATE)-2026 परीक्षा में भी विभाग के तीन छात्रों ने बाजी मारी है। इनमें अभय सिंह ने इंस्ट्रूमेंटेशन (IN) में ऑल इंडिया रैंक 429 और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन (EC) में 750वीं रैंक हासिल की।
‘चिप्स टू स्टार्टअप’ में असिस्टेंट प्रोजेक्ट एसोसिएट बनी कंचन लता वहीं प्रियंका को ईसी में 13,340वीं और सुहानी गुप्ता को 16,640वीं ऑल इंडिया रैंक मिली है। इसके अलावा, 2024-25 बैच की छात्रा कंचन लता श्रीवास्तव का सिलेक्शन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के प्रोजेक्ट ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ (C2S) में असिस्टेंट प्रोजेक्ट एसोसिएट के तौर पर हुआ है। वह फिलहाल एमएमएमयूटी (MMMUT) से पीएच.डी. भी कर रही हैं।
शुरू होंगे नए कोर्स, एडवांस टेक्नोलॉजी पर जोर साल 2021 में शुरू हुए इस ईसीई विभाग में फिलहाल बी.टेक. कोर्स के लिए 75 सीटें हैं। अब नए सत्र से विभाग अपने दायरे को बढ़ाते हुए एम.टेक. इन वीएलएसआई एंड एम्बेडेड सिस्टम और पीएच.डी. कोर्स भी शुरू करने जा रहा है।
विभाग का सिलेबस वीएलएसआई डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और 5G/6G कम्युनिकेशन जैसी बिल्कुल नई और एडवांस टेक्नोलॉजी पर आधारित है।
रिसर्च के क्षेत्र में भी आगे रिसर्च और नए आविष्कारों के मामले में भी विभाग के शिक्षकों और रिसर्चर्स ने बेहतरीन काम किया है। इन्होंने 30 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय स्तर के (SCI-Indexed) रिसर्च पेपर पब्लिश किए हैं। इसके साथ ही विभाग के नाम दो पेटेंट दर्ज हो चुके हैं और एक पेटेंट पब्लिश हुआ है। यहां के रिसर्चर्स 20 से ज्यादा इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में अपने रिसर्च पेपर भी पेश कर चुके हैं।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी बच्चों को इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक पढ़ाई, बेहतरीन लैब की सुविधाएं और अच्छा रिसर्च का माहौल देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए एम.टेक. और पीएच.डी. कोर्स शुरू होने से यह विभाग तकनीकी शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।