भाजपा की तरफ से संकेत दिया गया है कि दतिया में पूरा संगठन बदला जाएगा।
दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। पार्टी नेतृत्व ने जिला कार्यकारिणी समेत दतिया के सभी मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों की इकाइयों को भंग कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने ये एक्शन हार की समीक्षा के लिए
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पार्टी सूत्रों के अनुसार, चुनाव के दौरान वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और पत्रों की भी समीक्षा की जाएगी। ऐसे पोस्ट-लेटर साझा करने वालों की लिस्ट बनाकर उनके राजनीतिक संबंध जांचे जाएंगे।
दतिया सीट कांग्रेस के राजेंद्र भारती को फ्रॉड मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद खाली हुई थी। यहां कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार भाजपा को हराया है।

सीएम हाउस पर बैठक, करीब 25 नेता शामिल हुए
इससे पहले चुनाव परिणामों की समीक्षा के लिए मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे सीएम हाउस पर उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, चुनाव प्रभारी भारत सिंह कुशवाह, सह प्रभारी राहुल कोठारी, पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, कार्यालय मंत्री श्याम महाजन, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा समेत 25 नेता मौजूद रहे।

भाजपा की तरफ से ये प्रेस नोट जारी किया गया है।
नरोत्तम की जगह आशुतोष तिवारी को टिकट दिया था
भाजपा ने उपचुनाव के लिए पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को टिकट दिया था। जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने तीखे विरोध प्रदर्शन किए। कई कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किए गए थे। इसके बाद नरोत्तम मिश्रा को खुद सामने आकर समर्थकों से तिवारी का समर्थन करने की अपील करनी पड़ी थी।
दतिया में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद जिला अध्यक्ष रघुवीर शरण कुशवाह समेत कई पार्टी पदाधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए थे। इस पर संगठन ने कहा था कि कोई भी इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाएगा। लेकिन अब उपचुनाव हारने के बाद जिले की पूरी टीम को हटा दिया गया है।

भाजपा की सभा में नरोत्तम मिश्रा भावुक हो गए थे।
पार्टी के स्थानीय नेताओं पर भीतरघात के आरोप लगे थे
दतिया में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की हार के बाद भीतरघात के आरोप लगे थे। पार्टी के कई नेताओं ने दबी जुबान में कहा कि नरोत्तम का टिकट कटने के बाद उनके स्थानीय समर्थक चुनावी अभियान में सक्रिय नहीं दिखे। वे पार्टी में रहते हुए भी दूरी बनाए रहे।
जिला कार्यालय पर सन्नाटा, नेताओं ने नहीं उठाए फोन
दतिया भाजपा की पूरी टीम हटाए जाने के बाद जिला कार्यालय पर सन्नाटा पसर गया। मेन गेट अंदर से बंद कर दिया गया। संपर्क करने पर स्टाफ में से कोई सामने नहीं आया। जिला अध्यक्ष रघुवीर शरण कुशवाह ने फोन रिसीव नहीं किया। अन्य बड़े नेताओं ने भी या तो कॉल नहीं उठाया या वे स्विच ऑफ आते रहे।

दतिया में भाजपा दफ्तर पर कोई नेता नहीं दिखा।
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दतिया में फिर हारी BJP, 6016 वोट से कांग्रेस जीती

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार भाजपा को हराया। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह को 66 हजार 757 और भाजपा के आशुतोष तिवारी को 60 हजार 741 वोट मिले। घनश्याम ने 6016 वोटों से जीत दर्ज की। दतिया सीट राजेंद्र भारती को फ्रॉड मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद खाली हुई थी। पढे़ं पूरी खबर…
दतिया में BJP की हार-कांग्रेस की जीत, 5 बड़ी वजह
दतिया उपचुनाव का नतीजा सिर्फ एक सीट का फैसला नहीं, बल्कि दोनों दलों की रणनीति और भविष्य की राजनीति का संकेत भी बन गया। संगठन की पूरी ताकत झोंकने के बावजूद बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी कांग्रेस के घनश्याम सिंह से 6,016 वोटों से हार गए। बीजेपी की हार के पीछे कई राजनीतिक और संगठनात्मक कारण माने जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…