डकैत जगन गुर्जर की हत्या के विरोध में परिवार वाले अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उसके बेटे आसाराम ने इस मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा- मैं जगन गुर्जर का खून हूं..मैं घर में घुसकर मारना भी जानता
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अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई हत्या
29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे।

जगन गुर्जर की दो साल पुरानी फोटो। हथियार तस्करी के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था।
जगन गुर्जर के तीनों भाई बाकी के जेल में हैं। तो, जो उन्होंने अपराध किया होगा उसका तो वो सज़ा कानून दे रहा है। लेकिन, कानून मिलकर के क्या बड़े नेताओं का भी इसमें हाथ हो सकता है? क्या कानून के बड़े अधिकारियों का हाथ हो सकता है? कि उस जगन की हत्या करवा दी? मुझे नहीं लगता कि जगन की हत्या कोई एक व्यक्ति कर सकता है। बस इसी बात की जांच हो और पप्पू गुर्जर के बयान पर हो। पप्पू गुर्जर का यहां से ट्रांसफर धौलपुर किया जाए, उसके बाद उसका बयान जारी किया जाए, उसके कहने पे मुक़दमा दर्ज किया जाए और वो जो बयान है, उस बयान पर सीबीआई जांच हो। इन तमाम मांगों को लेकर के हम बैठे हैं।
हिंदुस्तान की सबसे सुरक्षित जेल में अगर व्यक्ति मारा जाए, उसका ये बेटा है बाहर, कल की डेट में इसका मर्डर होगा तो इसकी ज़िम्मेदारी किसकी होगी? मुख्यमंत्री भजनलाल को इस बात का भी जवाब देना चाहिए।
जगन गुर्जर को यहाँ धौलपुर जेल ने भेजा, ना भरतपुर, ना जयपुर जेल भेजा और सीधा अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल आ गया, यही सबसे बड़ी समस्या है। इसी बात का जवाब चाहिए।”

ये है मामला
हाई सिक्योरिटी जेल के वार्ड नंबर-2 के ब्लॉक नंबर-4 की सेल नंबर-5 में डकैत जगन गुर्जर और कुलदीप जघीना हत्याकांड का आरोपी विष्णु एक साथ बंद थे। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे जब रोजाना की तरह सेल खोली गई तो ब्लॉक के अन्य बंदी बाहर निकलने लगे।
इसी दौरान विष्णु भी मुस्कुराते हुए सेल से बाहर निकला, जबकि जगन अपनी जगह लेटा था। विष्णु ने कहा कि उसने जगन को मार दिया है। इसके बाद जेल में अफरा-तफरी मच गई। बंदियों ने तुरंत जेल स्टाफ को सूचना दी। कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो जगन गुर्जर बेसुध पड़ा मिला।
सीनियर अधिकारियों और डॉक्टरों को बुलाया गया। जांच के बाद डॉक्टर ने जगन को मृत घोषित कर दिया। बॉडी को जेएलएन अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवा दिया।

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डकैत जगन हत्याकांड
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