राहुल गांधी को राहत, शिकायत और समन रद्द:SC ने कहा- जरूरी मंजूरी नहीं ली गई थी; 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सावरकर पर दिया था बयान


कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को विनायक दामोदर सावरकर पर टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रायल कोर्ट की ओर से जारी मानहानि शिकायत और राहुल गांधी को जारी समन को रद्द कर दिया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और शील नागू की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि इस मामले में जरूरी मंजूरी (Sanction) हासिल नहीं की गई थी। उत्तर प्रदेश की ओर से दाखिल हलफनामे में भी ऐसी मंजूरी का कोई उल्लेख नहीं मिला। क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने? सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील ने बताया कि उत्तर प्रदेश की ओर से दाखिल हलफनामे में मंजूरी का कोई खुलासा नहीं है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में शिकायत और मजिस्ट्रेट की ओर से पारित आदेश रद्द किए जाते हैं। 2022 के बयान से जुड़ा है मामला यह मानहानि मामला 17 नवंबर 2022 को राहुल गांधी की ओर से महाराष्ट्र के अकोला जिले में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा था। राहुल गांधी पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने सावरकर के खिलाफ जानबूझकर अपमानजनक टिप्पणी की। मामले में अधिवक्ता नृपेंद्र पांडेय ने शिकायत दाखिल की थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणी सावरकर की छवि खराब करने की सुनियोजित कोशिश का हिस्सा थी। लखनऊ कोर्ट में चल रही थी कार्रवाई शिकायत के आधार पर निचली अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी किया था। राहुल गांधी ने निचली अदालत के इस आदेश और उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही को चुनौती दी थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 4 अप्रैल 2025 को कहा था कि राहुल गांधी इस मामले में सेशंस कोर्ट में रिवीजन दाखिल कर सकते हैं और उस चरण पर हाईकोर्ट के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।

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