पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल। इनसेट में पूर्व सीएम एवं सांसद चरणजीत चन्नी का फोटो।
कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने पंजाब से लौटते ही बागी गुट को दोटूक जवाब दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी को CM चेहरा बनाने की मांग को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया है। बघेल ने सोशल मीडिया (X) पर स्पष्ट लिख दिया कि पंजाब में कांग्रेस पार्टी का
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कांग्रस के बागी गुट के लिए यह बड़ा झटका है। इससे पहले बघेल पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग को बदलने की मांग को सिरे से खारिज कर चुके हैं।
बघेल ने लिखा-
पंजाब की जनता के मन में कोई भी किंतु और परंतु नहीं है. पंजाब का मतदाता लोकसभा चुनाव की तरह ही विधानसभा चुनाव में श्री राहुल गांधी जी पर भरोसा कर रहा है. कांग्रेस पार्टी का पंजाब में एक ही चेहरा है, वो हैं श्री राहुल गांधी जी

वहीं बघेल के रवैये को देखते हुए बागी गुट अब सीधे कांग्रेस हाईकमान से मिलकर अपनी बात रखेगा। फिलहाल राहुल गांधी विदेश दौरे पर हैं। उनके 17 जुलाई को लौटने की उम्मीद है। उसी दिन बागी गुट दिल्ली में डेरा डालेगा। राहुल पहले भी एक रैली में सबको टीम बनकर काम करने को कह चुके हैं।

चंडीगढ़ में शनिवार को राणा गुरजीत के घर मीटिंग हुई। इसमें AICC प्रभारी भूपेश बघेल के साथ बैठे चन्नी और रंधावा।
चन्नी खेमे को राहुल के विदेश से लौटने का इंतजार इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का खेमा राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने का इंतजार कर रहा है। पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान को लेकर चन्नी खेमा राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार, चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा ने राहुल गांधी से मुलाकात के लिए दिल्ली के नेताओं से संपर्क साधा है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने चन्नी खेमे को आश्वासन दिया है कि राहुल गांधी से उनकी बैठक जरूर करवाई जाएगी।
प्रभारी बघेल की रिपोर्ट से पहले काउंटर प्लानिंग कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब में चल रही गुटबाजी को सुलझाने के लिए प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल को छह दिवसीय दौरे पर भेजा था। हालांकि, चन्नी खेमे का आरोप है कि यह दौरा एकतरफा रहा और बघेल ने केवल राजा वड़िंग के करीबियों से मुलाकात की।
इसी के चलते चन्नी खेमा अब अपनी रणनीति के तहत आगे बढ़ रहा है। उनकी कोशिश है कि भूपेश बघेल अपनी रिपोर्ट राहुल गांधी को सौंपें, उससे पहले ही वे राहुल गांधी से मुलाकात कर अपनी बात रख दें। चन्नी खेमे का कहना है कि वह हाईकमान को पंजाब कांग्रेस की जमीनी स्थिति से अवगत कराना चाहता है। उनका दावा है कि कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं में मौजूदा नेतृत्व को लेकर नाराजगी है, जिसकी जानकारी राहुल गांधी तक पहुंचाना जरूरी है।

ये फोटो मोहाली में हुई मीटिंग के बाद की है। इसमें पूर्व सीएम एवं सांसद चरणजीत चन्नी, सांसद सुखजिंदर रंधावा, विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा, विधायक तृप्त राजिदंर सिंह बाजवा, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू और पूर्व विधायक कुशलदीप किक्की ढिल्लों।
हिस्ट्री रिपीट, अब चन्नी के पीछे सब एकजुट पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी का इतिहास पुराना रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह का लंबे समय तक पार्टी पर प्रभाव रहा। वह तीन बार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनके कार्यकाल में भी पार्टी के भीतर मतभेद रहे, लेकिन उनके सामने नेता खुलकर अपनी बात नहीं रख पाते थे।
साल 2021 में नवजोत सिंह सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला तो पंजाब कांग्रेस के कई नेता उनके साथ खड़े हो गए। इसके बाद कांग्रेस हाईकमान ने कैप्टन को मुख्यमंत्री पद से हटाया, लेकिन उनकी जगह सिद्धू को नहीं, बल्कि चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया।
फिर अंदरूनी खींचतान तेज होती नजर आ रही अब पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी खींचतान तेज होती नजर आ रही है। राजा वड़िंग के नेतृत्व को लेकर चन्नी खेमे ने मोर्चा खोल दिया है और उसके पीछे पार्टी के कई बड़े नेताओं के खड़े होने का दावा किया जा रहा है। अब यह देखना होगा कि कांग्रेस हाईकमान चन्नी खेमे के दबाव को देखते हुए नेतृत्व में बदलाव करता है या फिर मौजूदा व्यवस्था को ही जारी रखता है।

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चन्नी ने की इस्तीफे की पेशकश, बोले- पूर्व CM के तौर पर प्रचार कर लूंगा

पंजाब कांग्रेस में टूट का खतरा थमा नहीं है। 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कैंपेन कमेटी के चेयरमैन बनाए चरणजीत चन्नी ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी है। चन्नी ने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर ही पार्टी का प्रचार कर लेंगे। इस बारे में चन्नी ने कल, शनिवार को चंडीगढ़ में MLA राणा गुरजीत के घर हुई मीटिंग के दौरान इस्तीफा देने की बात कही। (पढ़ें पूरी खबर)