“मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि मेरी साली आत्महत्या करने वालों में से नहीं थी। वो B.Sc. पास स्टूडेंट थी। पढ़ने में तेज तर्रार थी, हर परेशानी का डटकर सामना करती थी। उसे प्लांड तरीके से मारा गया है। इसमें एक नहीं 2-3 लोगों का हाथ है।
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आरोपी पति ने उसे हनीमून पर कश्मीर ले जाने के बहाने पहले लखनऊ बुलाया। फिर उसने कांड से दो दिन पहले अपना फ्लैट बदला। इसके बाद उसका मर्डर कर दिया। जिस जगह पर उसने नया फ्लैट लिया था, उसके अलग-बगल कोई किराएदार नहीं रहते थे। इसकी वजह से उसे मर्डर करने में कोई दिक्कत-परेशानी नहीं हुई। हमारे परिवार को न्याय चाहिए। आरोपी कमलकांत के साथ ही उसके घरवालों को भी पुलिस अरेस्ट करे।”
ये कहना है मृतका सोनाली के जीजा रविशंकर दुबे का…
दरअसल, बक्सर की महिला की यूपी के लखनऊ में 4 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शादी के सिर्फ 4 महीने बाद नवविवाहिता की मौत को लेकर मायके वालों ने ससुराल वालों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है।
मृतका की पहचान सोनाली (24) के रूप में हुई है, जो बक्सर के खड़हाटांड़ गांव के रहनेवाले वीरेंद्र ओझा की बेटी थी। वहीं, आरोपी की पहचान भोजपुर के संदेश थाना क्षेत्र के पिंजरौली गांव निवासी कमलाकांत मिश्र (28) के रूप में हुई है। 6 जुलाई 2026 की शाम लखनऊ पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को अरेस्ट कर लिया है। फिलहाल, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने का इंतजार पुलिस कर रही है।
घटना के बाद दैनिक भास्कर की टीम बक्सर जिला मुख्यालय से करीब 50km दूर मृतका सोनाली के मायके पहुंची। वहां पिता, भाई और जीजा से बातचीत की।
अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर…
पहले घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए…

फोटो मायके पक्ष के लोगों ने पुलिस को सौंपी है। मायके वालों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचाने की बजाय पति ने सबसे पहले डेडबॉडी के साथ फोटो ली।

कमलकांत ने सोनाली को इसी वॉटसएप चैट पर गाली दी थी और गवार कहा था।
अरेंज मैरिज के बाद दामाद ने बेटी को मार डाला
मृतका के पिता वीरेंद्र जैन ने बताया, सोनाली की शादी 26 फरवरी 2026 को कमलाकांत मिश्र से धूमधाम के साथ अरेंज मैरिज की थी। उसे दहेज में 15 लाख रुपए कैश, लगभग 250 ग्राम सोने के गहने और करीब ढाई लाख रुपए के फर्नीचर दिए थे।
इसके बावजूद कमलकांत और उसका परिवार मेरी बेटी से शादी के बाद बार-बार दहेज के रूप में कार की डिमांड कर रहा था।
शादी के 2 महीने तक मेरी बेटी को कमलकांत न अपने साथ ले गया और न ही उसने ससुराल जाने दिया। उनकी मांग थी कि पहले कार दो तभी तुम्हारी बेटी को अपने साथ ले जाएंगे। हमने जैसे-तैसे उनलोगों को मनाया, जिसके बाद उसके ससुरालवाले बोले ठीक है, अभी तुम अपनी बेटी को हमारे पास भेज दो, लेकिन बाद में मेरे बेटे को कार गिफ्ट में दे देना।
कमलकांत और उसके परिवार वालों की मांग थी कि गौना के समय लड़की को कार के साथ ही विदा करें, लेकिन हमारे पास पैसे नहीं रहने के कारण हमने अप्रैल 2026 में सोनाली को उसके भाई अभिषेक के साथ ससुराल भेज दिया।
इसके बाद सोनाली अपने भाई और बहनों से लगातार कहती थी कि कमलकांत और उसके परिवार वाले मेरे साथ मारपीट कर रहे हैं। गाली-गलौज भी करते हैं। वो कार लिए बिना मुझे नहीं छोड़ेंगे।
उसने अपने पति द्वारा किए गए मैसेज का स्क्रीनशॉर्ट भी मेरे बेटे अभिषेक को भेजे थे। इसमें कमलकांत ने मेरी बेटी के साथ गाली-गलौज की थी। उसने कहा था अब हम दिखाते हैं एटीट्यूड क्या होता है? गुस्सा क्या होता है, अब तुमको हम बताते हैं….इसके बाद उसने गाली का प्रयोग किया था। मेरी बेटी के शक्ल पर भी बात की थी। इसके साथ ही उसे गवार भी बोला था।
मेरी बेटी को साजिश के तहत आरोपी कमलकांत ने मारा है। हत्या की पूरी प्लैनिंग उसने पहले ही कर रखी थी।
शादी के देखें तस्वीरें…

सोनाली को वरमाला पहनाता कमलकांत। (फाइल)

यह तस्वीर कमलाकांत और सोनाली के जयमाल के बाद की है। (फाइल)

सिंदूरदान के दौरान की तस्वीर।
शादी के 2 महीने बाद बहन पहली बार अपने ससुराल गई थी
मृतका के भाई अभिषेक ने बताया, मेरी बहन शादी के बाद 2 महीने तक हमारे पास मायके में ही रही। अप्रैल 2026 में उसे मैं ससुराल छोड़कर अपने घर वापस लौट आया था। इसके बाद से लगातार सोनाली हमलोगों को फोन कर बताती थी कि उसके सास-ससुर, ननद, और जेठ-जेठानी उसके साथ गाली-गलौज कर रहे हैं। मारपीट भी करते हैं।
जब हमलोगों को इसके बारे में जानकारी मिली तो हमने उसके ससुरालवालों को फोन कर बहुत समझाया। उन्हें कहा भी की जितना पैसा था सब दे दिए हैं। अब हमारे पास बेटी को देने के लिए कुछ नहीं बचा है।
इसके बाद भी वो लोग नहीं माने। 20 जून को मेरी सोनाली से जब बात हुई तो उसने कहा, ‘भाई कमलकांत मुझे हनीमून पर घूमाने के लिए कश्मीर ले जा रहा है। अब वो मेरे से अच्छे से प्यार से बातें कर रहा है। अभी हम दोनों के बीच सब कुछ ठीक चल रहा है। इस सप्ताह के लास्ट में वो मुझे आरा से लखनऊ अपने पास ले जाएगा। मैं सब कुछ ठीक कर दूंगी, तुमलोग परेशान मत होना…’
हमलोगों को भी लगा चलो सब अच्छा हो रहा है, ये दोनों पति-पत्नी जब घूमकर आएंगे तब कमलकांत और उसके परिवार वालों से हमलोग अच्छे से बात कर कार देने से मना कर देंगे।
इसके बाद 26 जून को सोनाली ने मुझे फिर फोन किया। वो रोते हुए बोली, ‘भाई कमलकांत ने मुझे भद्दी-भद्दी गालियां दीं। मुझे गवार और अनपढ़ कहा…मैं कैसे उसके साथ रहूंगी। मुझे उसके साथ नहीं जाना है।’
हमलोगों को लगा हर पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बात को लेकर लड़ाई होती है, सॉल्व हो जाएगा। मैंने बहन को समझाया, कोई नहीं तुम दो दिन बाद 28 को उसके पास जा रही हो सामने से सब कुछ अच्छा कर लेना। वो भी मेरी बात मान गई।
इसके बाद 28 जून को वो आरा से लखनऊ चली गई। हमलोग भी खुश हुए कि चलो अब उसके जिंदगी में कुछ अच्छा हो रहा है।
5 जुलाई को फ्लाइट से जम्मू-कश्मीर जाने वाले थे
5 जुलाई को दोनों पति-पत्नी फ्लाइट से जम्मू-कश्मीर जाने वाले थे। इसी दौरान 4 जुलाई की दोपहर कमलकांत का मुझे फोन आया, उसने कहा- तुम्हारी बहन ने फंदे से लटकर सुसाइड कर लिया है। इसके साथ ही उसने मुझे वॉट्सएप पर एक फोटो भेजा, जिसमें सोनाली जमीन पर लेटी थी वहीं आरोपी कमलकांत शव के साथ फोटो लेते दिख रहा है।
हमारे परिवार को पूरा संदेह है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है, जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है।
जब हमने शव देखा तो गले के अलावा उसके दोनों हाथों और दोनों पैरों पर भी चोट के निशान दिखाई दिए। इन परिस्थितियों को देखकर हमें आशंका है कि पहले उसके हाथ-पैर बांधे गए और उसके बाद उसकी हत्या कर घटना को आत्महत्या की तरह दिखाने का प्रयास किया गया।
हम कमलाकांत मिश्रा और उनके परिवार के सदस्यों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। मेरे पास व्हाट्सएप चैट और अन्य ऐसे साक्ष्य मौजूद हैं, जिनसे यह पता चलता है कि मेरी बहन को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। कई मैसेज में उसे धमकियां भी दी गई थीं। जांच एजेंसियों और न्यायालय के समक्ष हम सभी साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे।
हम सरकार और प्रशासन से मांग करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष, वैज्ञानिक और गहन जांच कराई जाए। यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि मेरी बहन को न्याय मिल सके।

आरोपी पति कमलाकांत और मृतक पत्नी सोनाली की फाइल फोटो।
गले, पैर-हाथ पर मिले चोट के निशान
वहीं, सोनाली के जीजा रविशंकर दुबे ने बताया, मेरा घर आरा में है। मैं मध्य प्रदेश में रेलवे में कार्यरत हूं। घटना की सूचना मिलते ही मैं तत्काल ट्रेन से घर पहुंचा।
जब मुझे सोनाली के पति की ओर से बताया गया कि उसने आत्महत्या कर ली है, तभी से मुझे इस बात पर विश्वास नहीं हुआ। पिछले 8 सालों से मैं उसे जानता था। उसके स्वभाव और हौसले को देखते हुए मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि वह आत्महत्या करने वाली लड़की नहीं थी। वह हर परिस्थिति का डटकर सामना करने वाली और मजबूत इरादों की युवती थी।
हमारी आशंका है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और निर्मम हत्या है, जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है। घटना के बाद जो शुरुआती तथ्य और परिस्थितियां सामने आई हैं, उन्होंने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के शरीर पर, विशेषकर हाथ, पैर और गले पर मिले निशानों को देखकर हमें संदेह है कि इस घटना में एक से अधिक लोगों की भूमिका हो सकती है।
हालांकि, अंतिम सच्चाई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और पुलिस की निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगी, इसलिए हमारा आग्रह है कि इस मामले को केवल आत्महत्या मानकर बंद न किया जाए, बल्कि हर पहलू की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच की जाए।
भरत तिवारी में समाज साथ, लेकिन हमारे घर की लड़की के बारे में कोई पूछने नहीं आया
मुझे दुख इस बात का भी है कि हाल के दिनों में भरत तिवारी हत्याकांड को लेकर मीडिया, समाज और जनप्रतिनिधियों ने खुलकर आवाज उठाई। उनके साथ जो हुआ, वह निंदनीय है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। लेकिन हमारी बेटी के साथ हुई इस संदिग्ध मौत को लेकर वैसी संवेदनशीलता और समर्थन दिखाई नहीं दे रहा है। आज भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं, जो लड़कियों की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश करते हैं।
हमारा आरोप है कि हमारी बेटी के साथ भी ऐसा ही हुआ है, लेकिन अब तक न समाज के लोग, न कोई संगठन और न ही किसी समुदाय का प्रतिनिधि हमारे परिवार का हाल जानने आया कि आखिर उसके साथ क्या हुआ।
हमारा यह भी आरोप है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। शुरुआत में पोस्टमॉर्टम कराने को लेकर भी पुलिस पीछे हटते दिखाई दी। परिवार के लगातार आग्रह और दबाव के बाद पोस्टमॉर्टम कराया गया। अब हमें उम्मीद है कि जांच पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और वैज्ञानिक तरीके से होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मैं समाज, मीडिया और प्रशासन से हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि इस मामले को गंभीरता से लें। यह केवल हमारे परिवार की बेटी का मामला नहीं है, बल्कि समाज की हर बेटी की सुरक्षा और न्याय का सवाल है। यदि ऐसे मामलों में समाज एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएगा, तो ऐसे अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा और ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी। आज यह घटना हमारे परिवार के साथ हुई है, कल किसी और परिवार की बेटी भी इसका शिकार हो सकती है।
हम जांच एजेंसियों को हर संभव सहयोग देंगे और हमारे पास जो भी तथ्य और साक्ष्य हैं, उन्हें जांच के दौरान उपलब्ध कराएंगे। हमारी केवल एक मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच हो, सच्चाई सामने आए और जो भी दोषी हों, उन्हें कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि हमारी बेटी को न्याय मिल सके।

सोनाली के घर में परिवार वाले न्याय की आस में बैठे हुए।
पति बोला- ट्रेन टिकट देखकर भड़की, झगड़ा किया
वहीं, लखनऊ पुलिस को कमलाकांत ने पूछताछ में बताया, मेरी नौकरी के कारण शादी के बाद हम पति-पत्नी हनीमून पर नहीं जा पाए थे। एक महीने पहले फ्लाइट से कश्मीर जाने का प्लान बनाया। टिकट भी बुक करवा लिया।
मौसम खराब रहने के कारण 3 जुलाई को फ्लाइट का टिकट कैंसिल कर मैंने ट्रेन का टिकट बुक किया। जब ये बात मैंने सोनाली को बताया तो वो गुस्सा हो गई। उसे फ्लाइट में बैठने का मन था। मैंने उसे बहुत समझाया लेकिन वो झगड़ा करने लगी।
इसके बाद अगले दिन यानी 4 जुलाई को मैं रोज की तरह सुबह 10 बजे ड्यूटी पर आ गया। करीब 12 बजे दोपहर में मैंने जब सोनाली को कॉल किया तो उसने फोन रिसीव नहीं किया। फिर मैंने अपने मकान मालिक को फोन कर उसे देखने को कहा। उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद पाया। इसके बाद मैं तुरंत घर के लिए निकल गया। जब मैंने दरवाजा खोला तो सोनाली फंदे से लटकी मिली।
बता दें कि मृतका के भाई अभिषेक की शिकायत पर लखनऊ के इंदिरानगर पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष में सास रमावती, ससुर शारदानंद, ननद गिरिजा चौबे, जेठ लक्ष्मीकांत, जेठानी लक्ष्मी समेत 6 लोगों के खिलाफ दहेज हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया है।
पति-पत्नी के मोबाइल को जब्त कर लिया गया है। इस दौरान पुलिस को दोनों के बीच हुए चैटिंग और कमलकांत का उसकी बहन गिरिजा से हुए चैटिंग के सबूत मिले हैं। गिरिजा से बातचीत में उसने सोनाली को सबक सिखाने और जान लेने की बात कही है।