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- BJP Vijay Shah Case Hearing Update; Supreme Court Vs Mohan Yadav Govt | Sofiya Qureshi Remark
दिल्ली/भोपाल2 घंटे पहले
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मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह से जुड़े मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पिछली सुनवाइयों में कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार को निर्णय लेने के निर्देश दे चुका है।
वहीं, मध्य प्रदेश कैबिनेट ने मंत्री के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी न देने के प्रस्ताव को राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा था। अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई इस लिहाज से अहम है।
मंत्री ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए थे विवादित बयान
यह पूरा विवाद मई 2025 का है। मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह ने इंदौर के महू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक और विवादित बयान दिया था। इस मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
SIT ने अपनी विस्तृत जांच पूरी करने के बाद मंत्री विजय शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति सरकार से मांगी थी। कानूनी प्रावधानों के तहत किसी मौजूदा मंत्री पर केस चलाने के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी होती है।
मंत्रिपरिषद ने अभियोजन की मंजूरी न देने का प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा
मंगलवार (25 अगस्त) को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में मंत्री के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी न देने वाला प्रस्ताव लाया गया था। कैबिनेट बैठक कक्ष से पांच सीनियर ऑफिसर्स को छोड़कर बाकी सभी को बाहर भेज दिया गया। इसके बाद पूरी कैबिनेट ने विजय शाह के खिलाफ अभियोजन यानी मुकदमा चलाने की मंजूरी न देने का प्रस्ताव राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेज दिया।
हालांकि, अभी तक राज्यपाल की ओर से इस मामले में कोई निर्णय लिया गया है या नहीं, यह सुप्रीम कोर्ट में सरकार के वकीलों की दलीलों और रिपोर्ट से स्पष्ट होगा।
कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों का मुख्य तर्क था कि विजय शाह इस मामले में सार्वजनिक मंचों और लिखित रूप में करीब तीन से चार बार माफी मांग चुके हैं। इसलिए अब उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई कानूनी और व्यावहारिक औचित्य नहीं बनता। कैबिनेट की यह सिफारिश अंतिम निर्णय के लिए राज्यपाल मंगू भाई पटेल के पास भेजी गई है।

मंत्री विजय शाह ने महू में हलमा कार्यक्रम के विवादित टिप्पणी की थी।
‘अब बहुत हो चुका’ कहकर SC ने सरकार को चेताया था
अभियोजन की मंजूरी देने में हो रही देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही मध्य प्रदेश सरकार को कई बार फटकार लगा चुका है। पिछली सुनवाइयों के दौरान कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा था- अब बहुत हो चुका (Enough is enough), हमारे आदेश का पालन कीजिए।
अदालत ने सरकार को निर्णय लेने के लिए अंतिम रूप से चार सप्ताह का समय दिया था। जब मंत्री के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि वे कई बार माफी मांग चुके हैं, तो सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि माफी मांगने में बहुत देर हो चुकी है।
कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि यह माफी दिल से नहीं आई, बल्कि कानूनी कार्रवाई और कोर्ट के संज्ञान से बचने का एक बहाना है। अदालत ने नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर गरिमा बनाए रखने की नसीहत भी दी थी।

अब राज्यपाल की भूमिका अहम, SC में आज पेश होगा हलफनामा
कैबिनेट का प्रस्ताव भले ही राज्यपाल के पास पहुंच गया है, लेकिन कानूनी जानकारों का मानना है कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है। सीनियर एडवोकेट्स के मुताबिक, साल 2003 के एक ऐतिहासिक मामले (राजेंद्र सिंह प्रकरण) में भी जब कैबिनेट ने एक मंत्री के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी से इनकार कर दिया था, तब तत्कालीन राज्यपाल ने कैबिनेट के फैसले को पलटते हुए केस चलाने की मंजूरी दे दी थी।
बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी माना था कि मंत्रियों के मामलों में कैबिनेट का झुकाव अपने साथी मंत्री की तरफ हो सकता है। इसलिए राज्यपाल का स्वतंत्र निर्णय महत्वपूर्ण होता है। अब सबकी निगाहें आज की सुनवाई पर टिकी हैं।
इसमें राज्य सरकार को हलफनामा दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट के सामने अपने फैसले की जानकारी और उसका आधार पेश करना होगा। अगर कोर्ट सरकार के इस तर्क से सहमत नहीं होता है, तो वह इस फैसले की न्यायिक समीक्षा कर इसे पलट भी सकता है।
मंत्री शाह ने महू में दिया था बयान
जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में हलमा कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में उन्होंने कहा था-
उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।

इसके बाद शाह ने कहा था- अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।


