Bareilly Police Warns Influencers on Social Media Laws

शशांक राठौर | बरेली3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

बरेली पुलिस लाइन के रविंद्रालय में “कनेक्ट बरेली जोन इन्फ्लुएंसर्स मीट यूपी-2026” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से सीधा संवाद किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वायरल होने की होड़ में सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।

आईपीएस अधिकारियों ने सोशल मीडिया को आधुनिक युग का एक शक्तिशाली माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि एक पोस्ट लाखों लोगों की सोच को प्रभावित कर सकती है, इसलिए कंटेंट क्रिएटर्स की जिम्मेदारी पारंपरिक मीडिया जितनी ही महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि धर्म, जाति, महिला सुरक्षा और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़े विषयों पर लापरवाही गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है।

पीलीभीत के अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने साइबर अपराधों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर आगाह किया। दहिया ने स्पष्ट किया कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती, यह केवल साइबर ठगों द्वारा लोगों को डराकर शिकार बनाने का तरीका है।

उन्होंने लोगों से पेशेवर और व्यक्तिगत ईमेल अलग रखने तथा पासवर्ड सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।

अपर पुलिस अधीक्षक मनोज रावत ने सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इन्फ्लुएंसर्स से युवाओं में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की। रावत ने हेलमेट और सीट बेल्ट को “जीवन रक्षा कवच” बताया।

सहायक पुलिस अधीक्षक डॉ. नताशा गोयल ने आईटी एक्ट और नए आपराधिक कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तथ्यों की जांच किए बिना वायरल किया गया कंटेंट कानूनी मुसीबत खड़ी कर सकता है। सोनाली मिश्रा ने महिला सुरक्षा और हेल्पलाइन 1090 के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

सहायक पुलिस अधीक्षक शिवम आशुतोष ने स्पष्ट किया कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कोई भी कंटेंट कानूनी तौर पर अपराध माना जाएगा।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *